केंद्र सरकार ने अगले 15 दिन के अंदर 8 करोड़ प्रवासियों को मुफ्त राशन बांटने की मुहिम चालू करने का दावा किया है। इन 8 करोड़ प्रवासियों के पास केंद्र या राज्य में से किसी का भी राशन कार्ड नहीं है। इसके लिए केंद्रीय खाद्य मंत्री रामविलास पासवान ने शनिवार को राज्य सरकारों से इस मुहिम के तहत राशन बांटने के लिए गोदामों से अनाज और दालों का कोटा उठाने की अपील की।
पासवान ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए मीडिया को बताया कि यदि प्रवासियों की संख्या वर्तमान 8 करोड़ के अनुमान से ज्यादा होती है तो केंद्र सरकार राज्यों को अतिरिक्त सप्लाई देने के लिए भी तैयार हैं, लेकिन उस व्यक्ति की पहचान का सत्यापन राज्य सरकारों को करना होगा।
फिलहाल यह आवंटन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत चिह्नित 81 करोड़ लोगों के 10 फीसदी हिस्से का अनुमान लगाकर किया गया है। खाद्य सचिव सुधांशु पांडे ने बताया कि कर्नाटक सरकार ने गोदामों से चावल लेना चालू भी कर दिया है, जबकि मध्य प्रदेश सरकार 18 मई से चालू करने जा रहा है।
केरल की तरफ से अभी तक कोई जवाब नहीं दिया गया है। राज्यों का सीधे शेल्टर कैंपों में राशन बांटने या इसके लिए डिस्ट्रेस कूपन जारी करने की छूट दी गई है। राज्य दो महीने का राशन भी गोदामों से एक बार में उठा सकते हैं, लेकिन राशन उठाने के लिए 15 दिन के अंदर उसे हर हाल में बांटना होगा।
आर्थिक पैकेज का है हिस्सा
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14 मई को आर्थिक पैकेज के तहत की थी मुफ्त खाद्य वितरण की घोषणा
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08 करोड़ प्रवासियों को मई और जून में राशन वितरण का किया था वादा
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3500 करोड़ रुपये का पूरा बोझ केंद्र सरकार खुद करेगी वहन
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7.99 लाख टन अनाज का वितरण किया जाएगा इस दौरान
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6.95 लाख टन चावल वितरित किया जाएगा सभी राज्यों को
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1.04 लाख टन गेहूं का किया जाएगा पांच राज्यों में वितरण
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02 राज्यों दिल्ली व गुजरात को चावल व गेहूं दोनों मिलेंगे
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03 राज्यों राजस्थान, पंजाब व चंडीगढ़ को मिलेगा केवल गेहूं