सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ), सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), आईटीबीपी व सीआईएसफ आदि केंद्रीय अर्धसैन्य बल के अधिकारियों को बड़ी राहत दी है। अब इन अर्धसैन्य बलों के अधिकारियों को भी ग्रूप-ए समूह के अधिकारियों के समान वित्तीय और अपग्रेडेशन का लाभ मिलेगा। न्यायमूर्ति रोहिंग्टन एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली पीठ के केंद्र सरकार की याचिका को खारिज करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट फैसले को बरकरार रखा है।
हाईकोर्ट ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ आदि को संगठित बल मानते हुए इनके अधिकारियों को ग्रूप-ए के अधिकारियों की तरह वित्तीय लाभ और अपग्रेडशन का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश केबाद सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ आदि केअधिकारियों को भी ग्रूप-ए केअधिकारियों के समान व्यवहार किया जाएगा। अब उनकेसाथ सौतला व्यवहार नहीं किया जाएगा। साथ ही इन अधिकारियों को पदोन्नति में भी फायदा होगा।
शीर्ष अदालत का यह आदेश आईपीएस अधिकारियों के लिए झटका हैं। अब वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों को ही सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ आदि में डेप्यूटेशन पर भेजा जाएगा। अब तक किसी की रैंक के आईपीएस अधिकारियों को अर्धसैन्य बल में डेप्यूटेशन पर भेजा जाता था।
वास्तव में अर्धसैन्य बलों के अधिकारियों में इस बात की नाराजगी थी कि आईपीएस अधिकारियों को पैराशूट अधिकारी केतौर पर अर्धसैन्य बलों में डेप्यूटेशन पर भेज दिया जाता था। इस आदेश केबाद अर्धसैन्य बलों के अधिकारियों की वर्षों पुरानी नाराजगी दूर हो गई। अब अर्धसैन्य बलों के अधिकारियों को भी आंतरिक रूप से उच्च पदों पर पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है।