सीपीआरओ आदित्य कुमार चौधरी ने बकाया कि बहानगर बाजार रेलवे स्टेशन के पास रह रहे लोगों ने बताया कि वहां पड़े कुछ डिब्बों से बदबू आ रही है और वहां कुछ शव अब भी पड़े है। लोगों की शिकायत पर रेलवे ने वहां सर्चिंग शुरू की। वहां जांच में पाया गया कि वहां कोई शव नहीं था।
बालासोर ट्रेन हादसे के बाद आशंका जताई जा रही थी हादसे में शामिल यशवंतपुर-हावड़ा एक्सप्रेस के कुछ डिब्बों में अब भी कुछ शव है। इस आशंका पर सफाई देते हुए एक रेलवे अधिकारी ने कहा कि वह सिर्फ सड़े हुए अंडे थे न कि कोई शव।
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यह है पूरा मामला
सीपीआरओ आदित्य कुमार चौधरी ने बकाया कि बहानगर बाजार रेलवे स्टेशन के पास रह रहे लोगों ने बताया कि वहां पड़े कुछ डिब्बों से बदबू आ रही है और वहां कुछ शव अब भी पड़े है। लोगों की शिकायत पर रेलवे ने वहां सर्चिंग शुरू की। वहां जांच में पाया गया कि वहां कोई शव नहीं था, बल्कि सड़े हुए अंडे वहां पड़े थे। अंडे होने के कारण बदबू आ रही थी। हमने तीन ट्रैक्टरों से उन अंडों को हटवा दिया है और क्षेत्र में सफाई कर दी है। सीपीआरओ चौधरी ने बताया कि सीपीआरओ ने बताया कि रेलवे मंत्रालय ने 22.66 करोड़ रुपये 661 पीड़ित परिवारों के बीच बांटे हैं। साथ ही परिवार ने मृतक के परिवारों को 10 लाश रुपये दिए हैं।
ओडिशा सरकार सभी खर्चों का करेगी वहन
नगर निगम के अतिरिक्त आयुक्त सूर्यवंशी मयूर विकास ने बताया कि बालासोर ट्रेन हादसे में 288 लोगों की मौत हुई थी। इनमें से 83 शवों की अब तक पहचान नहीं हुई है। विकास के मुताबिक, सबसे बड़ी परेशानी यह थी कि कुछ शवों पर कई परिवार एक साथ दावा कर रहे हैं। इस परेशानी से निपटने के लिए हमने डीएनए सैंपलिंग की है और 30 डीएनए सैंपल्स को जांच के लिए दिल्ली एम्स भिजवा दिया है। रिपोर्ट आने में सात से आठ दिन करीब लग जाएंगे। भुवनेश्वर के डिप्टी कमिश्नर, प्रतीक सिंह ने बताया कि शवों को घरों तक ले जाने तक का खर्चा, डीएनए जांच का खर्चा सहित सभी खर्चों का वहन ओडिशा प्रशासन ही करेगा। परिजनों को इसके लिए चिंतित होने की आवश्यकता नहीं है।
इन राज्यों के हैं सबसे अधिक मृतक
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पश्चिम बंगाल और ओडिशा प्रशासन ने साथ मिलकर एम्स भुवनेश्वर में हेल्पडेस्क की शुरुआत की है। एक अधिकारी ने बताया कि अधिकतर पीड़ित पश्चिम बंगाल, बिहार, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और ओडिशा राज्य के रहने वाले थे। सीबीआई, रेलवे सुरक्षा कमिश्नर और जीआरपी ने ट्रेन हादसे की जांच शुरू कर दी है। खुर्दा डीआरएम रिंकेश रॉय को आशंका है कि उपकरणों के साथ छेड़छाड़ की गई है, जिस वजह से इतना बड़ा हादसा हो गया।