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ओडिशा में पाठ्यपुस्तक विवाद: सीजेपी ने छात्रों के सत्याग्रह का किया समर्थन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग

Mon, 21 Sep 2026 04:38 PM IST
शिवम गर्ग न्यूज डेस्क, अमर उजाला, भुवनेश्वर

सार

ओडिशा में स्कूली पाठ्यपुस्तकों में कथित गलतियों को लेकर छात्रों का सत्याग्रह जारी है। नव निर्माण युवा छात्र संगठन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग कर रहा है। सीजेपी ने भी आंदोलन को समर्थन दिया है।
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सीजेपी ने छात्रों के सत्याग्रह का किया समर्थन - फोटो : Amar Ujala Graphics
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विस्तार
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ओडिशा में स्कूल की पाठ्यपुस्तकों में कथित त्रुटियों को लेकर जारी विरोध-प्रदर्शन के बीच कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने छात्रों के आंदोलन को समर्थन दिया है। पार्टी ने स्कूल एवं जन शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग कर रहे नव निर्माण युवा छात्र संगठन (एनवाईसीएस) के प्रदर्शनकारियों के समर्थन में उतरने की बात कही है।

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सीजेपी के सह-संयोजक सौरव दास ने सोमवार को भुवनेश्वर में कहा कि पार्टी शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों के लिए जवाबदेही तय करने की मांग का समर्थन करती है। वह पार्टी के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत ओडिशा पहुंचे हैं।

'गलतियों के लिए जवाबदेही तय हो'
सौरव दास ने कहा कि एनवाईसीएस के कार्यकर्ता स्कूल शिक्षा में सुधार और पाठ्यपुस्तकों की गलतियों को लेकर मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। सीजेपी इन मांगों का समर्थन करती है। दास के मुताबिक, सरकार ने स्कूली बच्चों के लिए पाठ्यपुस्तकों की छपाई पर 380 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और इन किताबों में कई गलतियां सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि इन त्रुटियों के लिए जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
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पाठ्यपुस्तकों में बड़ी संख्या में गलतियां सामने आने के बाद राज्य सरकार ने पहले ही जांच और सुधार की प्रक्रिया शुरू की थी। जून में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने मामले की जांच के लिए विकास आयुक्त की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति गठित की थी।

दो सप्ताह से ज्यादा समय से भूख हड़ताल
सीजेपी नेता ने बताया कि वह नवनिर्माण कृषक संगठन के संयोजक अक्षय कुमार और एनवाईसीएस नेता मनवर अली के बुलावे पर ओडिशा पहुंचे हैं। दोनों पाठ्यपुस्तक विवाद को लेकर दो सप्ताह से अधिक समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। दास ने कहा कि संगठन के साथ मिलकर शिक्षा सुधार और पाठ्यपुस्तकों में हुई गलतियों से जुड़े मुद्दों पर एक विस्तृत खाका तैयार किया जाएगा।

22 सितंबर को विधानसभा घेराव की तैयारी
पाठ्यपुस्तक विवाद को लेकर एनवाईसीएस ने 22 सितंबर को ओडिशा विधानसभा का घेराव करने का एलान किया है। संगठन शिक्षा व्यवस्था में सुधार के साथ पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग कर रहा है। संगठन के नेताओं का आरोप है कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हुई है और सरकार इस मुद्दे को गंभीरता से नहीं ले रही है। वहीं, उन्होंने अपने आंदोलन के लिए महात्मा गांधी के अहिंसक सत्याग्रह का रास्ता अपनाने की बात कही है।

बीजद की युवा और छात्र इकाई भी करेगी प्रदर्शन
इस मुद्दे पर विपक्षी बीजू जनता दल (बीजद) की युवा और छात्र इकाइयों ने भी 22 सितंबर से विधानसभा घेराव की घोषणा की है। संगठन ने पाठ्यपुस्तकों में त्रुटियों को लेकर शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड के इस्तीफे की मांग की है। बीजद नेताओं ने आरोप लगाया है कि कक्षा एक से आठ तक की किताबों में गलतियां सामने आने के बावजूद उन्हें वापस लेने में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की गई। ये विपक्षी दल के आरोप हैं।

सरकार ने सुधार का दावा किया
पाठ्यपुस्तक विवाद के बीच मंत्री नित्यानंद गोंड ने कहा है कि किताबों को त्रुटिरहित बनाने के लिए प्रूफरीडिंग की प्रक्रिया चल रही है और जल्द सुधार की गई किताबें उपलब्ध कराने के कदम उठाए जा रहे हैं। इससे पहले सरकार द्वारा गठित समिति की जांच में कक्षा एक से आठ तक की पाठ्यपुस्तकों में 1,678 तथ्यात्मक, टाइपिंग और प्रिंटिंग संबंधी त्रुटियां सामने आने की रिपोर्ट आई थी। सरकार ने सुधार के लिए कई कदमों की घोषणा की थी, जिनमें मास्टर एराटा रजिस्टर और किताबों की जांच के लिए बेहतर गुणवत्ता नियंत्रण व्यवस्था शामिल है।

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