Odisha Rajya Sabha Elections: ओडिशा की चार राज्यसभा सीटों पर चुनावों होने जा रहा है। ऐसे में चुनाव के लिए नामांकन पांच मार्च तक होगा। इसके बाद मतदान 16 मार्च को होगा। इससे पहले बीजू जनता दल ने एक साथ छह फॉर्म एकत्र करके सियासी पारा बढ़ा दिया है। क्योंकि इस चुनाव में बीजद की सिर्फ एक सीट पक्की मानी जा रही है।
ओडिशा से राज्यसभा की चार सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। अधिसूचना जारी होते ही बीजू जनता दल (बीजद) के सांसद सस्मित पात्रा ने एक साथ छह नामांकन फॉर्म हासिल कर लिए, जिससे पार्टी की रणनीति को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं।
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बीजद की मानी जा रही एक सीट पक्की
दरअसल, 147 सदस्यीय विधानसभा के आंकड़ों के मुताबिक बीजद को एक सीट पक्की मानी जा रही है, जबकि सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को दो सीटों पर जीत तय मानी जा रही है। चौथी सीट के लिए किसी भी दल के पास जरूरी 30 प्रथम वरीयता वोट नहीं हैं। भाजपा के पास 79 विधायक हैं और तीन निर्दलीय विधायकों का समर्थन मिलाकर कुल संख्या 82 हो जाती है, जो तीसरी सीट जीतने के लिए आवश्यक आंकड़े से आठ कम है।
चौथी सीट के लिए क्या है कांग्रेस की तैयारी?
वहीं, बीजद के पास दो विधायकों के निलंबन के बाद 48 विधायक रह गए हैं। एक सीट जीतने के बाद उसके पास 18 प्रथम वरीयता वोट बचेंगे, जबकि दूसरी सीट जीतने के लिए उसे 12 और वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास 14 विधायक हैं, जबकि सीपीआई-एम का एक विधायक है। इस बीच कांग्रेस ने बीजद प्रमुख नवीन पटनायक से मुलाकात का समय मांगा है और चौथी सीट के लिए संयुक्त उम्मीदवार उतारने की इच्छा जताई है।
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नवीन पटनायक करेंगे अंतिम फैसला
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भक्त चरण दास ने कहा, 'संख्या बल कम होने के बावजूद हम राज्यसभा चुनाव में अहम भूमिका निभाएंगे। मैं दिल्ली जाकर हाईकमान से चर्चा करूंगा और उसके बाद तय होगा कि पार्टी अपना उम्मीदवार उतारेगी या किसी बाहरी उम्मीदवार को समर्थन देगी।' उधर, बीजद की राजनीतिक मामलों की समिति (पीएसी) ने सर्वसम्मति से नवीन पटनायक को उम्मीदवारों के चयन का अंतिम अधिकार सौंप दिया है।
16 मार्च को होगा मतदान
विधानसभा में विपक्ष की मुख्य सचेतक प्रमिला मलिक ने कहा कि सभी विधायक पार्टी अध्यक्ष के फैसले के अनुसार मतदान करेंगे। राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की प्रक्रिया पांच मार्च तक चलेगी। इसके बाद नामांकन पत्रों की जांच 6 मार्च को होगी, जबकि 9 मार्च नाम वापसी की अंतिम तिथि तय की गई है। वहीं राज्यसभा चुनाव का मतदान 16 मार्च को होगा। ये चुनाव इसलिए हो रहे हैं क्योंकि अप्रैल में बीजद के निरंजन बिशी और मुन्ना खान व भाजपा के सुजीत कुमार और ममता मोहंता का कार्यकाल समाप्त हो रहा है।