ओडिशा के सोनारीपोसी गांव में पुलिस व ग्रामीणों में झड़प
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देशभर में कोरोना वायरस की दूसरी लहर का प्रकोप अपने चरम पर है। इस घातक बीमारी की चपेट में आने के कारण बड़ी संख्या में लोगों की जान जा रही है। हालात ऐसे बन गए हैं कि अब श्मशान घाटों व कब्रिस्तानों में शवों के अंतिम संस्कार तक के लिए जगह की कमी पड़ने लगी है, जिसके कारण आमजन के अलावा पुलिस-प्रशासन को भी कई तरह की मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। यही स्थिति ओडिशा में भी बनी हुई है। दरअसल, एक वृद्ध व्यक्ति की कोरोना से मौत होने पर जब पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारी उसके दाह संस्कार के लिए ओडिशा के एक गांव में पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनकी पिटाई कर दी।
कोरोना फैलने के डर से ग्रामीणों ने किया विरोध
यह घटना मयूरभंज जिले के सोनारीपोसी गांव की है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी इस गांव में कोरोना बीमारी के कारण मरने वाले बुजुर्ग शख्स का अंतिम संस्कार करने पहुंचे थे, लेकिन ग्रामीणों को यह बात रास नहीं आई। उनका कहना था कि गांव में कोरोना का एक भी केस नहीं है। उन्हें डर था कि कहीं अंतिम संस्कार के कारण गांव में भी कोविड न फैल जाए। ऐसे में उन्होंने शव के अंतिम संस्कार को रोकने की कोशिश की और पुलिस व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की पिटाई कर दी।
न्यायिक हिरासत में भेजे गए सात लोग
मयूरभंज के एसपी स्मिथ परमार ने कहा, ‘घटना की जानकारी मिलने के बाद ठाकुरमुंडा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सात लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।’ अस्पताल की रिपोर्ट के अनुसार, सोनारीपोसी गांव का एक उम्रदराज व्यक्ति स्वास्थ्य जांच के लिए अस्पताल आया था। कोविड-19 जांच में संक्रमित पाए जाने के बाद उसकी मौत भी हो गई।
कोरोना से 19 और लोगों का मौत
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार रविवार (16 मई) को ओडिशा में कोविड-19 के 11,732 और मरीज सामने आए। राज्य में संक्रमण के मामले बढ़कर 6 लाख 12 हजार 224 पर पहुंच गए। वहीं 19 और लोगों का मौत के बाद राज्य में कोरोना संक्रमण से मरने वालों की संख्या 2,313 पर पहुंच गई। स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि राज्य में एक्टिव केस (इलाज करा रहे लोग) की संख्या बढ़कर 1 लाख 7 हजार 403 हो गई है।