युवाओं का जीवन बदल रहे शैक्षणिक संस्थान: पीएम
इस मौके पर प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में कहा, हम ओडिशा को शिक्षा और कौशल विकास का हब बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। बीते दस वर्षों में राज्य को समर्पित शैक्षणिक संस्थान ओडिशा के युवाओं के जीवन को बदल रहे हैं। चाहे आईआईएसईआर बेरहामपुर हो या रासायनिक प्रौद्योगिकी संस्थान..ओडिशा के युवाओं के उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए कई शीर्ष श्रेणी के संस्थान प्रदान किए गए हैं।
उन्होंने कहा, बीते दस वर्षों में केंद्र सरकार ने जो नीतियां बनाई हैं, उनका ओडिशा को बहुत ज्यादा फायदा हुआ। हमने खनन के क्षेत्र में जो नए सुधार किए हैं, ओडिशा उसका बहुत बड़ा लाभार्थी है। खनन नीति में बदलाव के बाद ओडिशा की आय में दस गुना की बढ़ोतरी हुई है।
प्रधानमंत्री ने कहा, "आज देश ने अपने एक महान सपूत, पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी को भारत रत्न देने का निर्णय लिया है। भारत के उप प्रधानमंत्री, गृहमंत्री एवं सूचना प्रसारण मंत्री के रूप में और दशकों तक एक निष्ठावान, जागरूक सांसद के रूप में लालकृष्ण आडवाणी ने देश की जो सेवा की हो वो अप्रतीम है। आडवाणी का ये सम्मान इस बात का प्रतीक है कि राष्ट्र की सेवा में अपना जीवन खपाने वालों को राष्ट्र कभी भूलता नहीं है। मेरा सौभाग्य रहा कि लालकृष्ण आडवाणी जी का स्नेह और उनका मार्गदर्शन मुझे निरंतर मिलता रहा है।मैं लालकृष्ण आडवाणी की दीर्घायु होने की कामना करता हूं।"
इन परियोजनाओं की रखी आधारशिला
प्रधानमंत्री ने बिजली, सड़क और रेलवे से जुड़ी कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का भी शिलान्यास किया। आईआईएम परिसर की आधारशिला पीएम मोदी ने 2021 में रखी थी। पीएम मोदी ने पुरी-सोनपुर-पुरी साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन को भी हरी झंडी दिखा। इसे क्षेत्र में संपर्क में सुधार होगा। उन्होंने झारसुगुडा मुख्य डाक कार्यालय की हेरिटेज बिल्डिंग को भी राष्ट्र को समर्पित किया। उन्होंने जगदीशपुर-हल्दिया और बोकारो-धामरा पाइपलाइन परियोजना (जेएचबीडीपीएल) के तहत 412 किलोमीटर लंबे धामरा अंगुल पाइपलाइन खंड का भी उद्घाटन किया।यह परियोजना ओडिशा को राष्ट्रीय गैस ग्रिड से जोड़ेगी। इसका निर्माण 'प्रधानमंत्री ऊर्जा गंगा' के तहत करीब 2,450 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा।
एनएलसी इंडिया तालाबीरा थर्मल पावर प्रोजेक्ट के पहले चरण की भी आधारशिला रखी
मोदी ने ओडिशा में एनएलसी इंडिया तालाबीरा थर्मल पावर प्रोजेक्ट के पहले चरण की भी आधारशिला रखी। यह थर्मल पावर प्रोजेक्ट ओडिशा को चौबीसों घंटे बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित करेगा और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी खोलेगा। 27,000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुमानित निवेश के साथ, यह कोयला आधारित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल पिट हेड थर्मल पावर प्रोजेक्ट ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ावा देने और देश के विकास पथ को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस परियोजना में शुरुआती चरण में 2,400 मेगावाट क्षमता शामिल है और दूसरे चरण में 8,000 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश के साथ अतिरिक्त 800 मेगावाट की योजना है।