धनेश्वर की पत्नी तुलसी के साथ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वन अधिकारियों ने उनके पति की हत्या की है। तुलसी ने बताया कि धनेश्वर को वन अधिकारियों ने रविवार रात उस समय हिरासत में ले लिया था, जब वह अपनी बेटी के घर से लौट रहा था।
ओडिशा के कटक जिले में वन विभाग द्वारा एक ग्रामीण को हिरासत में लिया गया था। उसकी हिरासत में मौत होने के बाद भीड़ ने वन बीट हाउस में आग लगा दी। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
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अठागढ़ क्षेत्र के वन विभाग के अधिकारियों ने रविवार को खूंटकटा सतगोछिया गांव निवासी धनेश्वर बेहरा (59 वर्षीय) को एक हाथी का शिकार करने और उसके दांत निकालने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। धनेश्वर वन विभाग की हिरासत में मृत पाए गए, जिसके बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बड़ासुनी चौक पर सड़क जाम कर दिया।
धनेश्वर की पत्नी तुलसी के साथ स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि वन अधिकारियों ने उनके पति की हत्या की है। पुलिस ने बताया कि भीड़ ने वन बीट हाउस में भी आग लगा दी। तुलसी ने बताया कि धनेश्वर को वन अधिकारियों ने रविवार रात उस समय हिरासत में ले लिया था, जब वह अपनी बेटी के घर से लौट रहा था।
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प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) देवीदत्त बिस्वाल ने बताया कि वन विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी घटना की जांच के लिए अथागढ़ पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा, अगर किसी अधिकारी को हिरासत के अंदर आरोपी पर थर्ड डिग्री लगाते हुए पाया गया तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से सच्चाई सामने आ जाएगी।
इस बीच, धनेश्वर की मौत के बाद पुलिस ने दो सहायक वन संरक्षकों (एसीएफ) सहित 15 वन अधिकारियों को हिरासत में लिया है। उन्हें अथागढ़ पुलिस स्टेशन में हिरासत में लिया गया है। वन अधिकारियों ने 31 जनवरी को बदम्बा रेंज के हिपिंडा रिजर्व जंगल में एक हाथी का शव बरामद किया था, जिसके दांत गायब थे। वन अधिकारियों ने बताया कि धनेश्वर को शिकारी होने के संदेह में हिरासत में लिया गया था।
वन विभाग मृतक के परिवार को 4.79 लाख रुपये का मुआवजा और उसके बेटे को नौकरी देने पर सहमत हो गया है। अथागढ़ के एसडीपीओ बिजय बिसी ने बताया कि इलाके में तनाव को देखते हुए पुलिस ने तीन प्लाटून बल तैनात किया है।