ओडिशा सरकार बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण कार्यकम करने वाली है ताकि तट पर ग्रीन बैरिकेड बनाया जा सके। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि हाल ही में आए चक्रवाती तूफान फैनी में 20 लाख से ज्यादा पेड़ बर्बाद हो गए थे क्योंकि हवा 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही थीं।
188 करोड़ की पंचवर्षीय योजना का उद्देश्य तट के किनारे ग्रीन बैरिकेड बनाना और चक्रवात प्रभावित जिले पुरी, भुवनेश्वर और कटक को ग्रीन कवर प्रदान करना है। इस योजना को उच्च स्तरीय बैठक में मंजूरी मिली है। यह बैठक मुख्य सचिव एपी पढ़ी की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई थी।
योजना के अनुसार 2019-20 में लगभग 130.5 लाख पेड़ लगाए जाएंगे। जहां 80.5 लाख पेड़ों को वन विभाग लगाएगा वहीं अन्य 50 लाख पौधे विभिन्न शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक संपदा और अन्य निजी संपत्ति के मालिकों को अपने क्षेत्रों में पौधारोपण के लिए सौंपा जाएगा।
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से पौधारोपण प्रक्रिया को मिशन की तरह लेने के लिए कहा है। साथ ही इसमें नागरिकों, पंचायतों और नागरिक समाज को शामिल करने का सुझाव दिया है ताकि यह योजना सफल हो सके। प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन) संदीप त्रिपाठी ने कहा कि राज्य में 12 वन प्रभागों के साथ 104 लाख पौधे उपलब्ध हैं।
बैठक में पुरी, भुवनेश्वर और कटक के बालूखंड अभयारण्य, पार्कों और सड़क के किनारे लंबे जीवन वाले एक लाख पेड़ लगाने का भी संकल्प लिया गया। कम ऊंचाई वाले पेड़ों को उन स्थानों पर लगाया जाएगा जहां से बिजली की तारें होकर गुजरती हैं। जिससे कि वह नंगी तारों के संपर्क में न आएं।
चक्रवाती तूफान फैनी ने 24,780 हेक्टेयर के बागवानी क्षेत्र को काफी नुकसान पहुंचाया है। बैठक में 18 लाख फल वाले पेड़ लगाने का निर्णय लिया गया है। वृक्षारोपण गतिविधियों को मनरेगा के तहत उपलब्ध धनराशि द्वारा किया जाएगा। बैठक में भुवनेश्वर में और उसके आस-पास आंशिक रूप से उखड़े पेड़ को दोबारा से लगाया जाएगा। इसके लिए 24 करोड़ रुपये मंजूर कर लिए गए हैं।