पांच भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई। (सांकेतिक तस्वीर)
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ओडिशा सरकार ने भ्रष्टाचार में लिप्त पांच अफसरों को जबरन सेवानिवृत्ति दे दी। राज्य सरकार के एक अधिकारी ने बुधवार को बताया कि एक अभियंता, सीडीपीओ, आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक, पुलिस निरीक्षक और राजस्व पर्यवेक्षक को सेवानिवृत्त कर दिया गया। इस संबंध में आदेश मंगलवार को जारी हुए।
इनमें से अधिकतर के पास आय से अधिक संपत्ति पाई जाने और कुछ को घूस लेते रंगे हाथ पकड़ने के बाद यह कार्रवाई की गई। सहायक अभियंता संतोष कुमार दास के पास आय से करीब 2.8 करोड़ अधिक की संपत्ति और 41.77 लाख रुपये की नकदी मिली है। वहीं सामुदायिक विकास परियोजना अधिकारी सरला डे को 20 हजार रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा गया था। उनके पास भी भुवनेश्वर में पांच फ्लैट, पीपली में एक और जगतसिंहपुर में दो प्लॉट हैं। इसके अलावा जगतसिंहपुर में दो मंजिला इमारत भी है। अधिकारियों ने उनके पास से नकदी व सोने के गहने जब्त किये हैं।
वहीं बालीकुड़ा की आंगनवाड़ी पर्यवेक्षक प्रतिमा साहू को भी घूस लेते पकड़ा गया। अंगुल पुलिस ट्रेनिंग कालेज में इंस्पेक्टर रामचंद्र बहेरा को खराब आचरण के कारण जबरन सेवानिवृत्ति दी गई। पांचवें अधिकारी राजस्व पर्यवेक्षक हृदयानंद साहू ने एक सर्वे के दौरान 20 हजार रुपये की घूस ली थी। ओडिशा सरकार ने 2019 से भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलेरेंस की नीति अपनाई है। हाल ही में दो आईएएस और आईएफएस अधिकारियों को सेवा से बर्खास्त किया गया।