ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि जनजातीय समुदाय की आजीविका और पोषण पर फोकस करने में बाजरा मिशन को डिजाइन करने में ओडिशा अग्रणी राज्य है। सीएम पटनायक ने मोटे अनाज के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम में अपने संबोधन में ये बातें कही। इस सम्मेलन का उद्देश्य मोटे अनाजों के लिए एक वैश्विक रोडमैप तैयार करना है।
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सीएम बोले- मोटा अनाज भविष्य की उम्मीद
सीएम ने कहा मोटे अनाज पारंपरिक अनाज हैं और यह जलवायु प्रतिरोधी और पोषण का पावर हाउस हैं। उन्होंने कहा पोषण सुरक्षा के लिए मोटे अनाज अहम साबित हो सकते हैं। यह हमारे भविष्य की आशा बनकर उभरे हैं। बता दें कि संयुक्त राष्ट्र ने साल 2023 को अंतरराष्ट्रीय मोटा अनाज वर्ष घोषित किया है। सीएम ने कहा कि सभी हितधारकों को शामिल करते हुए मोटे अनाज को लेकर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन करने वाला ओडिशा पहला राज्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने साल 2017 में ओडिशा बाजरा मिशन की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य मोटे अनाज की खेती और उसके इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।
किसानों को किया जाएगा प्रोत्साहित
मुख्यमंत्री ने बताया मोटे अनाज की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए हमने किसानों को प्रत्यक्ष के लाभ सुविधाएं बढ़ाने का फैसला किया है। साथ ही रागी की खरीद सुनिश्चित करने की योजना बनाई है। राज्य सरकार इसके लिए 2500 करोड़ रुपये निवेश करने की योजना बना रही है। सीएम ने कहा कि मोटे अनाज मिशन के बारे में प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने मिशन शक्ति के तहत महिला स्वयं सहायता समूहों के मोटे अनाज की वैल्यू चेन में योगदान की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि मिशन शक्ति समूहों ने दिखाया है कि किस तरह से मोटे अनाज आधारित उद्यम लोगों को बेहतर स्वाद देने के साथ ही आजीविका भी मुहैया करा रहे हैं।
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सीएम ने सम्मेलन के आयोजन के लिए कृषि और किसान आधिकारिता विभाग की भी तारीफ की। सीएम ने मोटे अनाज के सर्वश्रेष्ठ उत्पादन के लिए सुंदरगढ़, कोरापुट, रायगढ़ा और नुआपाड़ा जिलों को कार्यक्रम के दौरान पुरस्कृत किया। भारत में खाद्य और कृषि संगठन के प्रतिनिधि ताकायुकी हागिवारा ने कहा कि भारत और ओडिशा मोटे अनाज के चैंपियन हैं। यह भारत में कृषि परिदृश्य को बदल सकता है। कार्यक्रम में ग्रैमी पुरस्कार विजेता संगीतकार रिकी केज और सेलिब्रिटी शेफ विकास खन्ना भी शामिल हुए।