ओडिशा की सत्ताधारी पार्टी बीजू जनता दल (बीजेडी) ने बुधवार को केंद्र सरकार पर महानदी नदी के पानी के विवाद को खत्म करने के लिए ट्रिब्यूनल के गठन में देरी होने का आरोप लगाया है। पार्टी का आरोप है कि ऐसा इस साल होने वाले छत्तीसगढ़ चुनावों को ध्यान में रखते हुए किया जा रहा है। बीजेडी विधायकों ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए विधानसभा में कहा कि केंद्र ओडिशा के खिलाफ षड्यंत्र कर रही है।
बीजेडी प्रमुख अमर प्रसाद सतपथी ने कहा- ट्रिब्यूनल बनाने की शर्तों को मुख्य सचिव को अभी तक नहीं बताया गया है। आखिर केंद्र सरकार ट्रिब्यूनल बनाने में देरी क्यों कर रही है। हम ओडिशा के हितों की रक्षा के लिए अपनी लड़ाई जारी रखेंगे। पिछले महीने केंद्र सरकार ने घोषणा की थी वह तीन सदस्यीय ट्रिब्यूनल बनाएगा जिसके मुखिया सुप्रीम कोर्ट के जज एएम खानविल्कर होंगे। वह छत्तीसढ़ और ओडिशा को समान पानी दिए जाने पर अपना फैसला सुनाएंगे।
जनवरी में केंद्र की दलीलों को दरकिनार करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को ट्रिब्यूनल बनाने के लिए कहा था। बता दें कि बंगाल की खाड़ी में गिरने से पहले महानदी नदी 851 किलोमीटर का रास्ता तय करती है। यह ओडिशा की अर्थव्यवस्था और खेती के लिए महत्वपूर्ण है। यह नदी ओडिशा के 30 जिलों में से 20 जिलों से होकर गुजरती है। बीजेडी विधायक सुमीर दास ने कहा कि भाजपा की सरकार केंद्र और छत्तीसगढ़ में है और यह स्पष्ट नहीं है कि ओडिशा के हितों को क्यों नजरअंदाज किया जा रहा है। महानदी मामले में केंद्र छत्तीसगढ़ की मदद करना चाहता है।