RSS से जुड़े शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास ने NCERT को लिखित सुझाव भेजे हैं और कहा है कि स्कूल की किताबों से अंग्रेजी, उर्दू और फारसी के शब्द हटाएं। न्यास ने क्रांतिकारी कवि पाश, मिर्जा गालिब के शेर, रविन्द्रनाथ टैगोर के वैचारिक लेख, चित्रकार मकबूल फिदा की आत्मकथा के अंश, मुगल बादशाहों की दया से जुड़े किस्से, बीजेपी को हिंदू पार्टी बताना, NC को सेकुलर बताना, सिख दंगों पर मनमोहन सिंह की माफी और 2002 के गुजरात दंगों में दो हजार लोग मारे गए थे, जैसे वाक्य हटाने के लिए कहा।
आपको बता दें कि NCERT ने कोर्स में बदवाव के संबंध में सुझाव मांगे थे। न्यास प्रमुख दीनानाथ बत्रा ने NCERT को पांच पन्नों में अपने सुझाव भेजे हैं। न्यास के सचिव अतुल कोठारी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि इस किताब में कई बातें आधारहीन हैं। यह कमेटी के सदस्यों का अपमान है।
उन्होंने कहा कि आप कैसे बच्चों को गलत लोगों को प्रेरणास्त्रोत बताकर भ्रमित कर सकते हैं। जबकि शिवाजी, महाराणा प्रताप, विवेकानंद और सुभाष चंद्र बोस जैसे महापुरूषों के बारे में बच्चों को जानकारी ही नहीं है। कोठारी ने कहा कि हमने अपने सुझाव भेजे हैं, हमें पूरी उम्मीद है कि इन सुझावों पर ध्यान दिया जाएगा और जरूरी परिवर्तन किये जाएंगे।