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कोरोना के बीच सुरक्षित और सावधानी से होंगी जेईई (मेन्स) और नीट की परीक्षा - एनटीए

Thu, 27 Aug 2020 12:07 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई
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नेशनल टेस्टिंग एजेंसी ने कहा कि वो कोरोना वायरस के बीच पूरी सुरक्षा और जिम्मेदारी के साथ जेईई और नीट की परीक्षा लेने के लिए तैयार है। ये दोनों परीक्षाएं इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के लिए की जाती हैं। जेईई (मेन्स) के बाद एनटीए ने बुधवार को नीट की परीक्षाओं के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए।

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बुधवार रात आठ बजे तक 15.3 लाख एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए गए हैं, जिसमें 7.9 लाख कार्ड नीट के शामिल हैं। इस साल लगभग 9.5 लाख छात्र जेईई की परीक्षाओं में बैठेंगे तो वहीं 15 लाख से ज्यादा बच्चे नीट की परीक्षा देंगे। एनटीए महानिदेशक विनीत जोशी का कहना है कि किसी भी समय रजिस्ट्रेशन डेस्क पर सिर्फ 15 बच्चे ही होंगे और छात्रों के आने से लेकर बाहर जाने तक की प्रक्रिया कॉन्टैक्ट लेस होगी। 

विनीत जोशी का कहना है कि उन्होंने परीक्षा के पहले और बाद में छात्रों की भीड़ का प्रबंध करने की पूरी तैयारी कर ली है। एक केंद्र में 150 छात्र होंगे, हमने इन्हें समूहों में बांट दिया है और हर समूह 30-40 मिनट के अंतराल पर ही केंद्र में आएगा। प्रवेश द्वार पर एक क्यू मैनेजर होगा, जो पंक्ति बनाए रखने का प्रबंध करेगा। इससे सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जाएगा।
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विनीत जोशी ने बताया कि इसके लिए स्थानीय पुलिस से भी संपर्क किया गया ताकि उनकी मदद ली जा सके। जोशी ने कहा कि अगर परीक्षा को स्थगित किया जाएगा तो इससे शैक्षणिक वर्ष पर बुरा असर पड़ेगा क्योंकि इन दोनों परीक्षाओं की तैयारी के लिए काफी समय और लागत लगती है।

परीक्षाओं को शिफ्ट करने में भारी लॉजिस्टिक लागत लगती है। बाद में परीक्षा करवाने के लिए हजारों केंद्रों को फिर से संपर्क करना पड़ेगा ताकि उनकी उपलब्धता को सुनिश्चित किया जा सके। इसके अलावा पर्यवेक्षक और निरीक्षक की उपलब्धता भी देखी जाएगी। जेईई और नीट की तैयारी के लिए 75-80 दिन लगते हैं।

जोशी ने बताया कि परीक्षा खत्म होने के बाद छात्रों को बैच में बाहर निकाला जाएगा ताकि किसी भी तरह से संपर्क से बचा जा सके और सोशल डिस्टेंसिंग नियम का पालन किया जा सके। कोरोना वायरस के प्रकोप और सरकार के सोशल डिस्टेंसिंग के दिशा-निर्देशों को देखते हुए केंद्रों में कमरों की संख्या बढ़ा दी गई है।

नीट-यूजी के लिए एक कमरे में 12 से ज्यादा छात्रों को नहीं बैठाया जाएगा और जेईई (मेन्स) के लिए हर छात्र को एक कंप्यूटर छोड़कर बैठाया जाएगा, क्योंकि ये ऑनलाइन परीक्षा है। पहली शिफ्ट में इस्तेमाल किए जाने वाले कंप्यूटर को दूसरी शिफ्ट में इस्तेमाल नहीं किया जाएगा।

जोशी ने बताया कि सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए निरीक्षकों की संख्या भी बढ़ाई जाएगी। कंटेन्मेंट जोन में यात्रा करने के लिए एडमिट कार्ड को पास के तौर पर इस्तेमाल किया जाएगा। विनीत जोशी ने बताया कि इस बाबत राज्य सरकारों को चिट्ठी लिखी गई है और उन्हें छात्रों के लिए परिवहन की सुविधा करने के लिए कहा गया है।

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