असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा की ओर से राहुल गांधी के ऊपर किए गए आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई ने विरोध प्रदर्शन किया। एनएसयूआई ने अपने मुख्यालय पर असम के सीएम के विरोध में नारे लगाएं। छात्रों ने सरमा से इस्तीफे और माफी की मांग की।
क्या है पूरा मामला?
उत्तराखंड में एक चुनाव रैली के दौरान असम के सीएम सरमा ने राहुल गांधी की ओर से सर्जिकल स्ट्राइक के सबूत मांगने और कोरोना के टीके के प्रभाव के बारे में बयान देने पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि क्या भाजपा ने कभी राहुल गांधी से इस बात का सबूत मांगा की वह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बेटे हैं? सरमा के इस बयान के बाद कांग्रेस पार्टी ने उनपर कड़ा निशाना साधा है।
हिमंत बिस्व सरमा के इस बयान की निंदा करते हुए एनएसयूआई के राष्ट्रीय सचिव नितिश गौर ने कहा कि असम के सीएम का बयान बहुत आपत्तिजनक है। यह पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्षा सोनिया गांधी का अपमान है। उन्होंने आगे कहा कि एक उच्च पद पर आसीन व्यक्ति की ओर से ऐसी बयानबाजी शोभा नहीं देती। सरमा को अपने बयान के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए और अपने पद से तुरंत ही इस्तीफा देना चाहिए। असम कांग्रेस ने भी शुक्रवार को मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा पर अपने विवादित बयानों से राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है।