परिस्थिति चाहें कैसी भी हो, लेकिन नेशनल सिक्यूरिटी गार्ड (एनएसजी) के कमांडो के हौसले कभी नहीं डगमगाते। पलक झपकते ही ये कमांडो आतंकी मंसूबों को नेस्तनाबूद करने का जज्बा रखते हैं। आज यानी शनिवार को यह स्पेशल फोर्स अपना 37वां स्थापना दिवस मना रही है। 1984 को एनएसजी की स्थापना हुई थी। हर साल 16 अक्तूबर को एनएसजी अपना स्थापना दिवस मनाती है।
गृहमंत्री ने किया ट्वीट
गृह मंत्री अमित शाह ने एनएसजी के स्थापना दिवस पर कहा कि आतंकवाद का सामना करने के लिए एनएसजी को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण प्राप्त है। यह फोर्स दुनिया में किसी भी आपदा या हमले से निपटने में सक्षम है और पूरे देश को अपने इन जवानों पर गर्व है। उन्होंने अपने ट्विटर हैंडल पर एनएसजी कमांडों को 37वें स्थापना दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि एनएसजी के जवान अपने आदर्श वाक्य 'सर्वत्र, सर्वोत्तम, सुरक्षा' के उद्देश्य को पूरा करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ते हैं। पूरे भारत को इन ब्लैक कैट कमांडोज पर गर्व है।
एनएसजी ने मनाया स्थापना दिवस
मानेसर में एनएसजी कैंपस में एनएसजी कमांडो ने अपना स्थापना दिवस मनाया। इस दौरान एक इमारत पर एनएसजी की कार्रवाई को दिखाया गया। दिखाया गया इमारत को आतंकवादियों को चारों ओर से घेर लिया है, इसके बाद एनएसजी कमांडो हेलीकॉप्टर से उतरते हैं और दुश्मन के मंसूबों को नेस्तनाबूत कर देते हैं।
गंभीर परिस्थितयों से निपटने में है सक्षम
एनएसजी कमांडो को इस तरह से प्रशिक्षण दिया जाता है, जिससे वे किसी भी गंभीर परिस्थतियों से निपट सकें। इन कमांडोज को हाईजैक, आतंकवादी हमले व लोगों को आतंकवादियों के बंधन से छुड़ाने के लिए स्पेशन ट्रेनिंग दी जाती है। ताज होटल में 26/11 हमले के दौरान भी एनएसजी ने मोर्चा संभाला था और आतंकवादियों को मार गिराया था।
टिफिन बम को किया डिफ्यूज
37वें स्थापना दिवस के मौके पर एनएसजी के डीजी एमए गणपति ने बताया कि अमृतसर में भारत-पाक सीमा पर एनएसजी ने एक आईईडी टिफिन बम को डिफ्यूज कर दिया है। उन्होंने बताया कि यह टिफिन बम पाकिस्तानी ड्रोन का इस्तेमाल कर भारत की सीमा में गिराया गया था।