इस महीने की शुरुआत में अरुणाचल प्रदेश में पूर्व विधायक युमसेन माटे की हत्या की जिम्मेदारी प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन एनएससीएन (के-वाईए) के युंग आंग गुट ने ली है। उग्रवादी संगठन ने इस बाबत बयान भी जारी किया है। इसमें कहा गया है कि युमसेन माटे की एनएससीएन विरोधी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के कारण की गई।
उग्रवादी संगठन ने यह भी कहा कि माटे अरुणाचल प्रदेश के तिराप जिले में एनएससीएन विरोधी प्रचार की योजना बना रहे थे। उसने एनएससीएन/जीपीआरएन के खिलाफ साजिश रची थी। इसके लिए कई बार उन्हें चेतावनी भी दी गई थी। बावजूद इसके उन्होंने अपनी अवैध गतिविधियों को जारी रखा और एनएससीएन को उकसाने और मजबूर करने के लिए हद पार कर दी। जिसके बाद जीपीआरएन को यह कदम उठाना पड़ा। बयान में यह भी कहा गया है कि विधायक की हत्या का मामला किसी भी तरह से अरुणाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव से जुड़ा नहीं है।
गौरतलब है कि पूर्व कांग्रेस विधायक की 16 दिसंबर को भारत-म्यांमार सीमा पर तिरप जिले के राहो गांव में बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। राज्य सरकार ने 21 दिसंबर को मामले को राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) को स्थानांतरित करने का फैसला किया था। इसके बाद, राज्य के गृह विभाग ने इस मामले में एनआईए को उचित निर्देश देने के लिए मामले को गृह मंत्रालय के पास भेज दिया।
56वें खोंसा पश्चिम क्षेत्र से विधायक चुने गए थे माटे
युमसेन माटे 2009 में 56वें खोंसा पश्चिम विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस विधायक के रूप में निर्वाचित हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान, उन्होंने महिला और समाज कल्याण, सामाजिक न्याय और जनजातीय मामलों के विभागों के साथ संसदीय सचिव का पद संभाला। माटे 2015 में भाजपा में शामिल हो गए थे और इस साल की शुरुआत में उन्होंने 2024 में विधानसभा चुनाव लड़ने की इच्छा जाहिर की थी।