राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (एनएसए) अजीत डोभाल ने ऑनलाइन रहते समय सतर्क रहने की सलाह देते हुए कहा कि डिजिटल लेनदेन पर निर्भरता के कारण वित्तीय धोखाधड़ी के मामले तेजी से बढ़े हैं। केंद्र सरकार राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा रणनीति 2020 लेकर आई है, जिसमें भारत की समृद्धि के लिए सुरक्षित, विश्वसनीय, लचीले और जीवंत साइबर स्पेस को शामिल किया गया है।
डोभाल ने शुक्रवार को केरल पुलिस की ओर डाटा प्राइवेसी व हैकिंग पर आयोजित कांफ्रेंस में कहा, कोरोना महामारी के कारण काम करने के माहौल में बदलाव आया है। डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म पर निर्भरता बढ़ी है।
उन्होंने कहा कि ऑनलाइन काफी डाटा शेयर हो रहा है और सोशल मीडिया की मौजूदगी भी लगातार बढ़ी जा रही है। जहां हम अपने ज्यादातर काम ऑनलाइन कर रहे हैं, ऐसे में हैकर भी इसे अपने लिए अवसर के तौर पर देख रहे हैं। सीमित सतर्कता के चलते साइबर अपराध में 500 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। डिजिटल पेमेंट प्लेटफार्म पर अधिक निर्भरता के कारण वित्तीय धोखाधड़ी के मामलों में उछाल आया है।
साथ ही कहा, फर्जी खबरों और विभिन्न गलत सूचनाओं के चलते लोगों को फंसाया जाता है। साइबर स्पेस में मौजूद बड़ा साइबर डाटा सूचनाएं पाने के लिए सोने की खान जैसा है, जिसमें हमारे नागरिकों की निजता की अनदेखी की जा रही है। ऐसे में ऑनलाइन रहते समय लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
डोभाल ने केरल पुलिस, केरल पुलिस और सोसायटी फॉर द पुलिसिंग ऑफ साइबरस्पेस एंड इंफॉर्मेशन सिक्योरिटी रिसर्च एसोसिएशन के इस प्रयास की सराहना की।
इससे पहले, कांफ्रेंस का उद्घाटन करते हुए केरल के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खआन ने कहा, कोरोना के कारण इंटरनेट पर निर्भरता लोगों के जीवन का नियमित हिस्सा बन चुका है। लिहाजा ऑनलाइन रहते समय उन्हें ज्यादा सतर्क रहने की जरूरत है।