केंद्रीय गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी राज्यों से कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि ऑक्सीजन पहुंचाने वाले वाहनों को बेरोकटोक आवागमन करने दिया जाए, क्योंकि कोरोना महामारी के मध्यम और गंभीर मरीजों को इसकी बहुत जरूरत होती है।
सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजे पत्र में केंद्रीय गृह सचिव अजय भल्ला ने कहा, जानकारी मिली है कि कुछ राज्य अपने यहां की उत्पादन इकाइयों से ऑक्सीजन आपूर्ति की अंतरराज्यीय आवाजाही को बाधित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, कुछ राज्य अपने क्षेत्र में स्थित उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं को यह भी कह रहे हैं कि राज्य के अस्पतालों तक ही अपनी ऑक्सीजन की आपूर्ति सीमित करें।
भल्ला ने कहा कि चिकित्सा उपयोग में लाए जाने वाले ऑक्सीजन की पर्याप्त और निर्बाध आपूर्ति कोविड-19 के मध्यम और गंभीर मरीजों के उपचार के लिये बहुत महत्वपूर्ण है और इलाज करा रहे मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर ऑक्सीजन की खपत बढऩे की भी उम्मीद है।
पत्र के मुताबिक, राज्यों के बीच इलाज में इस्तेमाल की जाने वाली ऑक्सीजन की आवाजाही पर ऐसी कोई पाबंदी नहीं होनी चाहिए और परिवहन अधिकारियों को भी इसी के अनुसार ही ऑक्सीजन ले जाने वाले वाहनों की बिना रोकटोक अंतरराज्यीय आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देश दिया जाना चाहिए।
इसमें यह भी कहा गया कि उत्पादकों और आपूर्तिकर्ताओं पर भी ऑक्सीजन की आपूर्ति सिर्फ राज्य के अस्पतालों में ही करने को लेकर कोई पाबंदी नहीं लगाई जानी चाहिए।
ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए टीम गठित करें राज्य
गृह सचिव ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से यह भी कहा है कि वे बहुआयामी अनुशासनात्मक टीम गठित करें, जिसमें स्वास्थ्य, परिवहन और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि हों। ये टीम ऑक्सीजन की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए लगातार निगरानी कर सकती है।
गृह मंत्रालय ने यह भी कहा है कि अगर कोई मुश्किल आती है तो फौरन स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा बनाए गए केंद्रीय नियंत्रण कक्ष से संपर्क करें।