पिछले साल आठ दिसंबर को एक हेलिकॉप्टर हादसे में शहीद हुए देश के पहले चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल बिपिन रावत को पहली पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी गई। इस दौरान दिल्ली के आकाश ऑफिसर्स मेस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एनएसए अजीत डोभाल ने मनजीत नेगी की लिखी किताब 'महायोद्धा की महागाथा' का विमोचन किया। इस दौरान उन्होंने पूर्व सेनाध्यक्ष को याद करते हुए कहा कि हमने एक सच्चे देश भक्त को खोया है यह देश की व्यक्तिगत क्षति है।
एनएसए अजीत डोभाल ने कहा कि जनरल बिपिन रावत का जाना देश के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। मेरा उनके साथ व्यक्तिगत संबंध था। उनका ध्यान हमेशा इसी रहता था कि भारतीय सेना और राष्ट्र में उसका भविष्य कैसे आकार लेगा। आगे उन्होंने कहा कि 2017 में जब चीनियों के साथ हमारी कठिन स्थिति थी। हम योजना और चर्चा करते थे। जनरल बिपिन रावत दृढ़ थे। जब हमने कहा कि हम पीछे नहीं हटेंगे और हम डटे रहेंगे और चीन को पीछे हटने देंगे, तो चीन ने 74-75 दिनों के कठिन समय के बाद अपने पैर पीछे खींच लिए।
उन्होंने कहा कि बिपिन रावत के जाने के बाद देश ने एक देश-भक्त, दूरदर्शी, सामरिक विचारक और भारतीय सेना ने एक अच्छे जनरल को खोया। इस किताब के विमोचन कार्यक्रम में जनरल रावत की बेटियां भी मौजूद रहीं।
रावत पिछले साल 8 दिसंबर को कुन्नूर में हुई हेलिकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हुए थे। डोभाल ने कहा, जनरल बिपिन रावत का निधन देश के लिए एक व्यक्तिगत क्षति है। मेरा उनके साथ व्यक्तिगत समीकरण था। उनका ध्यान हमेशा भारतीय सेना और भविष्य में देश को कैसे आकार मिलेगा, इस पर केंद्रित रहता था। डोभाल ने कहा, जनरल बिपिन रावत ने अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर एक महान बलिदान दिया। डोभाल ने कहा, यह एक ऐसा सदमा था जिसकी शायद अपनी प्रतिध्वनि है और वह आज चारों ओर देखा और महसूस किया जा सकता है। वह दूरदर्शी व्यक्ति थे और परिणाम प्राप्त करने के लिए दृढ़ संकल्पित थे। वह एक अत्यधिक पेशेवर व्यक्ति थे। बिपिन रावत की पहली पुण्यतिथि के लिए आयोजित कार्यक्रम में नौसेना के वाइस चीफ एडमिरल एसएन घोरमडे और वायु सेना के वाइस चीफ एयर मार्शल संदीप सिंह भी मौजूद थे।
हेलीकॉप्टर दुर्घटना में चली गई थी जान
आठ दिसंबर, 2021 को जनरल बिपिन रावत, उनकी पत्नी मधुलिका रावत और 11 अन्य लोगों की तमिलनाडु के कुन्नूर में एक हेलीकॉप्टर दुर्घटना में जान चली गई थी। दुर्घटना में मारे गए अन्य लोगों में उनके रक्षा सलाहकार ब्रिगेडियर लखबिंदर सिंह लिद्दर, स्टाफ ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल हरजिंदर सिंह, विंग कमांडर पीएस चौहान, स्क्वाड्रन लीडर के सिंह, जेडब्ल्यूओ दास, जूनियर वारंट अधिकारी प्रदीप ए, हवलदार सतपाल, नायक गुरसेवक सिंह, नायक जितेंद्र कुमार, लांस नायक विवेक कुमार और लांस नायक साईं तेजा थे।