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BJP vs AAP: अब नहीं चल पाएगा अरविंद केजरीवाल का यह दांव! विधानसभा में भी सरकार को घेरने की तैयारी में भाजपा

अमित शर्मा
Updated Wed, 09 Aug 2023 08:38 PM IST

सार

दिल्ली सेवा विधेयक को संसद से पारित होने के ठीक एक दिन बाद ही सरकार ने सेवा और विजिलेंस विभाग को सौरभ भारद्वाज के हाथों से लेकर आतिशी मार्लेना को सौंप दिया है, इससे मामला गहरा गया है। कहा जा रहा है कि दिल्ली के अधिकारियों की कमान केंद्र के हाथों आ जाने के बाद फाइलों की चोरी के मामले में सौरभ भारद्वाज पर कार्रवाई हो सकती है।
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Arvind Kejriwal - फोटो : Amar Ujala


भाजपा ने इस बार दिल्ली सरकार को घेरने की पूरी तैयारी कर ली है। पार्टी की तय रणनीति के अनुसार, इस बार विधानसभा में भाजपा सरकार को दिल्ली में बाढ़ की स्थिति से निबटने में हुई खामी पर घेरने का काम करेगी। लेकिन सरकार को सबसे ज्यादा मुश्किल एक अधिकारी के कार्यालय से फाइलों को चोरी किए जाने के मामले में सामने आ सकती है। कथित तौर पर मुख्यमंत्री आवास के निर्माण में हुए भ्रष्टाचार की जांच करने के मामले से जुड़ी फाइलें चोरी कर ली गई हैं। 


चूंकि, दिल्ली सेवा विधेयक को संसद से पारित होने के ठीक एक दिन बाद ही सरकार ने सेवा और विजिलेंस विभाग को सौरभ भारद्वाज के हाथों से लेकर आतिशी मार्लेना को सौंप दिया है, इससे मामला गहरा गया है। कहा जा रहा है कि दिल्ली के अधिकारियों की कमान केंद्र के हाथों आ जाने के बाद फाइलों की चोरी के मामले में सौरभ भारद्वाज पर कार्रवाई हो सकती है। इसे देखते हुए ही केजरीवाल ने आनन-फानन में विभाग की जिम्मेदारी सौरभ भारद्वाज से लेकर आतिशी को सौंपी है। भाजपा सदन में इस मामले पर हमलावर रुख अपना सकती है। इससे दिल्ली सरकार को एक और मोर्चे पर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। 


दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने आरोप लगाया है कि सत्र बुलाने के नियमों का भी खुला उल्लंघन हो रहा है। दिल्ली सरकार मनमाने तरीके से सदन बुलाती है, और मनमाने तरीके से चर्चा कराने के बाद अपनी सुविधा से स्थगित कर दिया जाता है। कानूनी स्थिति में बदलाव के बाद सत्र बुलाने के नियमों पर भी सत्ता पक्ष-विपक्ष में टकराव हो सकता है।  


भाजपा ने क्या कहा?

रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि 16-17 अगस्त को होने वाले दिल्ली विधानसभा सत्र में पार्टी ने सरकार से मुख्य मुद्दों पर जवाब मांगने का फैसला किया है। उपराज्यपाल से विधायकों के संवैधानिक हितों की रक्षा करने का भी अनुरोध किया गया है। उन्होंने कहा कि असंवैधानिक तरीके से सदन में विपक्ष को प्रश्न पूछने का अधिकार नहीं दिया गया है जो लोकतंत्र को खतरे में डालने वाली बात है। 


बिधूड़ी ने कहा कि एक्साइज पॉलिसी, फीडबैक यूनिट, शीशमहल, विज्ञापन घोटाले और प्राइवेट बिजली कंपनियों को अवैध लाभ पहुंचाने की फाइलें आधी रात को क्यों चोरी की गई, इसका जवाब सरकार को देना होगा। पांच सालों में दिल्ली जल बोर्ड का घाटा 72 हजार करोड़ को पार कर गया है। डीटीसी का घाटा पिछले पांच सालों में ही 10 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा हो गया है।

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