बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को सभी विमान कंपनियों को बीच की सीट को भी बुक करने अनुमति दे दी है। साथ ही अदालत ने यह भी कहा कि उन्हें कोरोना के संक्रमण को रोकने के उपायों पर नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना चाहिए।
जस्टिस एसजे कथावल्ला और जस्टिस एसपी तावड़े की पीठ ने एयर इंडिया के पायलट देवेन कनानी द्वारा दायर याचिका में उठाए गए सवालों को स्वीकार करने से इनकार कर दिया, जिसमें कहा गया था कि कोरोना के संक्रमण को रोकने के लिए सभी अंतरराष्ट्रीय और घरेलू उड़ानों में बीच वाली सीट को खाली रखा जाना चाहिए।
कोर्ट ने कहा कि भले ही विमान की मध्य सीट को यात्री भार और सीट क्षमता के आधार पर खाली नहीं रखा गया हो। अदालत ने एयरलाइंस को अनुमति देते हुए कहा कि वह डीजीसीए के निर्देशों का पालन करते हुए विमान की मध्य सीट को भी बुक किया जा सकता है।