अगस्ता वेस्टलैंड के बाद अब नेवी जहाजों की खरीद पर विवाद शुरू हो गया है। भाजपा ने यूपीए सरकार पर इटली की कंपनी को गलत तरीके से फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया है। इस डील में भी कांग्रेस के बड़े नेताओं की ओर उंगलियां उठाई जाने लगी है। आरोप है कि इटली की कंपनी ने हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली स्टील के बदले टैंकरों के निर्माण में घटिया स्टील लगाया।
रक्षा मंत्रालय इस मामले की जांच की तैयारी कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक आईएनएस दीपक और आईएनएस शक्ति से जुड़ी यह डील लगभग 1872 करोड़ रुपये की थी। दो नेवी टैंकरों की इस खरीद पर सीएजी ने 2010 में इटली कंपनी को फायदा पहुंचाने की ओर संकेत किया था। इटली की संबंधित कंपनी 230 साल पुरानी है।
टैंकरों की निर्माण के लिए उच्च गुणवत्ता वाली स्टील का इस्तेमाल जरूरी है ताकि इससे ईंधनों की ढ़ुलाई के क्रम में दिक्कतें पेश नहीं आए। इसके लिए डीएमआर 249 स्तर की स्टील के इस्तेमाल की जरुरत होती है जिसकी कीमत सामान्य स्टील से दोगुनी और उससे भी अधिक होती है। आरोप है कि इटली की कंपनी ने डीएमआर 249 के बदले डीएच 36 स्तर का स्टील इस्तेमाल किया। सीएजी ने भी 2010 में इसे रेखांकित किया।