नवोदय विद्यालय के बाद अब केंद्रीय विद्यालय के स्कूलों में भी कोरोना मरीजों का इलाज किया जा सकेगा। सरकार ने जरूरत पड़ने पर इन स्कूलों को स्थानीय प्रशासन को क्वारंटीन वाले मरीजों को रखने के लिए मुहैया करवाने का फैसला लिया है।
मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने बताया कि इस वैश्विक महामारी से निपटने में केंद्र और राज्य मिलकर लड़ेंगे और जीत भी हासिल करेंगे। इसीलिए जवाहर नवोदय विद्यालय के बाद केंद्रीय विद्यालय स्कूलों को स्थानीय प्रशासन को सौंपने की तैयार की जा रही है, ताकि जरूरत के समय उनका प्रयोग क्वारंटीन के रूप में किया जा सके।
इससे पहले केंद्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) ने कोरोना वायरस के संदिग्ध मामलों के लिये अस्थायी क्वारंटीन केंद्र स्थापित करने के वास्ते अपने स्कूल भवन देने की पेशकश की थी। संगठन के अधिकारियों ने शुक्रवार को यह घोषणा की।
केवीएस के एक अधिकारी ने बताया कि कोरोना वायरस संकट से पैदा हुई सतर्क करने वाली स्थिति को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि किसी रक्षा प्राधिकार या जिला प्रशासन के औपचारिक अनुरोध पर इसके स्कूल भवन के कमरों में संदिग्ध रोगियों को अस्थायी रूप से रखने की इजाजत दी जाएगी।
अधिकारी ने बताया कि जो स्कूल क्वारंटीन स्थापित करने की इजाजत देंगे, उन्हें इस बारे में उसी दिन केवी प्राधिकारों से बात करनी होगी। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक देश में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामले बढ़ गए हैं।