केंद्रीय मंत्री ने अपने जवाब में आगे कहा कि अब अपना सामान भेजने के लिए लोगों को रेलवे स्टेशन के पार्सल रूम में जाकर बुकिंग कराने की रूरत नहीं होगी। रेलवे अब भारतीय डाक विभाग के साथ मिलकर देशभर में डोर-टू-डोर पार्सल डिलीवरी की सुविधा उपलब्ध कराएगा। इस स्कीम के तहत पार्सल आपके घर से ही उठाया जाएगा, बुक करने के बाद रेलवे से उसका परिवहन होगा और फिर निर्धारित पते तक पहुंचाया जाएगा। पार्सल को आपके घर से उठाने, बुकिंग का काम भारतीय डाक करेगा। फिर उस पार्सल को रेलवे निर्धारित पते के नजदीक रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएगा। भारतीय डाक रेलवे स्टेशन से पार्सल पिक करेगा और उसके आखिरी गंतव्य तक पहुंचाएगा।
भारतीय रेलवे और भारतीय डाक द्वारा जेपीपी को पायलट परियोजना के आधार पर शुरू किया गया है। पायलट परियोजना की पहली सेवा 31 मार्च 2022 को सूरत से वाराणसी के लिए शुरू की गई है। पार्सल को आपके घर से उठाने, बुकिंग का काम भारतीय डाक करेगा। उस पार्सल को रेलवे निर्धारित पते के नजदीकी रेलवे स्टेशन तक पहुंचाएगा। भारतीय डाक रेलवे स्टेशन से पार्सल पिक करेगा और उसके आखिरी गंतव्य तक पहुंचाएगा। भारतीय रेलवे और भारतीय डाक द्वारा जेपीपी को पायलट परियोजना के आधार पर शुरू किया गया है।
पहले भी रेलवे के जरिए पार्सल एक स्थान से दूसरे स्थान तक भेजे जाते थे, लेकिन तब अपना सामान भेजने के लिए लोगों को रेलवे स्टेशन के पार्सल रूम में जाकर बुकिंग कराने की जरूरत होती थी। तब डाक विभाग ही इसके लिए जिम्मेदारी होता था। इस सर्विस के बाद अब रेलवे भी इसमें शामिल हो गया है, जिससे पार्सल सर्विस और कंज्यूमर फ्रेंडली बनेगी।