देशभर के सभी सरकारी स्कूलों के छात्रों को गुणवत्ता वाली शिक्षा मुहैया करवाने के लिए आईआईटी के प्रोफेसर अब सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को प्रशिक्षित करेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की योजना के अनुसार टीचर एजूकेटर का कैडर निर्धारित कर उसके स्थायित्व व जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी। इन एजूकेटर आईआईटी के प्रोफेसर विषयानुसार प्रशिक्षित करेंगे। यह एजूकेटर आगे सरकारी स्कूलों के अध्यापकों को प्रशिक्षित करेंगे।
इसके लिए आईआईटी के प्रोफेसर की विजिट भी स्कूल अध्यापकों के प्रशिक्षण के समय रखी जाएगी। आईआईटी के प्रोफेसरों को सरकारी स्कूलों के शिक्षकों का मार्गदर्शक बनाने का उद्देश्य यह भी है कि बच्चे प्रायोगिक रूप से भी आगे बढ़ सकें। इसी मकसद के तहत आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर का उदाहरण सरकार विभिन्न राज्यों की सरकारों को दे ही रही है कि कैसे उत्तर प्रदेश सरकार ने भी सफलता के इस ट्रायल को सराहा है।
मंत्रालय अधिकारियों के मुताबिक, यूपी के औरैया जिले के सबदा पाटा विरयागा गांव में पहले सरकारी स्कूलों का हालत बेहद खराब थी लेकिन राष्ट्रीय आविष्कार योजना के नोडल अधिकारी व आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर एचसी वर्मा की मेहनत के चलते बच्चों के साथ अभिभावकों के मन में सरकारी स्कूलों के प्रति नजरिया बदला है। प्रो. वर्मा ने शिक्षकों को गणित और साइंस में विशेष ट्रेनिंग दी। इस ट्रेनिंग का पहले तीन गांव और धीरे-धीरे 27 गांवों में असर हुआ है। बच्चे निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूल में यह कहकर दाखिला ले रहे हैं कि हमारे स्कूल के शिक्षक भी अब आईआईटी से ट्रेनिंग ले चुके हैं।