स्कूली बच्चों एवं अभिभावकों से किए गए वादे के अनुरूप मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने छठीं से लेकर आठवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों पर होमवर्क का बोझ कम करना शुरू कर दिया है। बोर्ड ने अब होमवर्क की जगह बच्चों के लिए प्रैक्टिस वर्क अथवा सेल्फ वर्क लागू करने का फैसला किया है।
बोर्ड की ओर से जारी 318 पेज की गाइड लाइन में कहा गया है कि हमारी शिक्षा प्रणाली के शब्दकोष में होमवर्क जैसे शब्द को मिटाने का प्रयास नहीं होना चाहिए बल्कि इसमें मूल रूप से बदलाव की आवश्यकता है। सीबीएसई की ओर से जारी गाइड लाइन में स्कूली शिक्षकों एवं प्रधानाचार्यों से छात्रों के बीच नई गाइड लाइन के अनुसार ऐक्टिविटी कराने को कहा गया है।
सीबीएसई की ओर से नई गाइड लाइन अल्टरनेटिव टू होमवर्क के नाम से उसकी वेबसाइट पर पोस्ट की गई है। इसमें बच्चों के बीच प्रैक्टिस वर्क को रोचक बनाने के लिए छात्रों एवं शिक्षकों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को कहा गया है।