फ्रांस के पेरिस के सबसे पुराने और दुनियाभर में मशहूर नॉट्र डाम कैथेड्रल में 15 अप्रैल को आग लग गई थी। पेरिस में यही एक इमारत ऐसी थी जो एफिल टावर को टक्कर दे सकती है।
इस ऐतिहासिक चर्च को आग लगने से काफी नुकसान हुआ। हालांकि किसी भी व्यक्ति की मौत की खबर नहीं आई। क्योंकि इस आग को बुझने में नौ घंटे से भी अधिक का समय लगा, इसलिए लोगों ने आग को देखने के लिए गूगल सर्च का सहारा लिया।
वहीं रविवार को श्रीलंका में कई बम धमाके हुए। जिनमें कई चर्चों और फाइव स्टार होटलों को निशाना बनाया गया। इस हमले में करीब 300 लोगों की मौत हो गई है और करीब 500 लोग घायल हुए। वहीं दुनियाभर के लोगों ने इस घटना की जानकारी के लिए भी गूगल सर्च का सहारा लिया। लेकिन अगर दोनों घटनाओं को लेकर गूगल सर्च के आंकड़े देखे जाएं, तो पता चलता है कि नाट्र डाम चर्च की आग को श्रीलंका हमले से सात गुना अधिक बार सर्च किया गया है।
गूगल ट्रेंड का डाटा बताता है कि इन दो घटनाओं को लोगों ने काफी सर्च किया है। बीते हफ्ते गूगल पर 'नॉट्र डाम' और 'श्रीलंका' कीवर्ड काफी चले हैं। अगर दोनों ही घटनाओं के बाद 24 घंटे के भीतर का समय देखा जाए तो पता चलता है कि इस समय अवधि में नॉट्र डाम को सात से नौ गुना अधिक बार सर्च किया गया है। लेकिन आपको ये बात जानकर हैरानी होगी कि सबसे अधिक सर्च भारत, इंडोनेशिया और संयुक्त अरब अमीरात के लोगों ने की है।
वहीं अगर इन देशों की अलग से बात करें तो भारत में लोगों ने श्रीलंका को अधिक बार सर्च किया है। वहीं जब इथोपिया में विमान हादसा हुआ था तो अमेरिकी के लोगों ने इसे सबसे अधिक सर्च किया था। श्रीलंका में हुए बम धमाकों में अधिकतर पीड़ित श्रीलंका के हैं। लेकिन इन लोगों में दर्जनों विदेशी भी शामिल हैं। अभी तक किसी भी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
वहीं इस मामले पर श्रीलंका के स्वास्थ्य मंत्री ने दावा किया है कि इन बम धमाकों के पीछे किसी स्थानीय संगठन का ही हाथ है। उन्होंने राष्ट्रपति मैत्रीपाल सिरिसेना पर भी आरोप लगाया है कि उनकी सरकार को हमले की जानकारी 14 दिन पहले ही मिल गई थी, लेकिन फिर भी ये हमले हुए।
वहीं अगर फ्रांस, मैक्सिको, इटली और ब्राजील जैसे देशों की बात करें तो यहां के लोगों ने श्रीलंका से 90 फीसदी ज्यादा नॉट्र डाम को सर्च किया है।