दक्षिण पश्चिम मानसून के बादल इस बार उत्तर पश्चिम भारत के पहाड़ी इलाकों से ज्यादा मैदानी इलाकों पर मेहरबान हैं। जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में सामान्य से कम बारिश हुई है, तो उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान और दिल्ली में सामान्य से ज्यादा बारिश हुई है।
पंजाब में भी बारिश करीब-करीब सामान्य (1 फीसदी कम) ही रही है। पहाड़ों में उत्तराखंड में बेशक सामान्य से 23 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तर पश्चिम भारत में थोड़ी धीमी हुई बारिश 21-22 जुलाई को फिर से बढ़ेगी।
मौसम विभाग के अनुसार बिहार, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, चंडीगढ़ में सक्रिय दक्षिण पश्चिम मानसून पूर्वी उत्तर प्रदेश को छोड़कर बाकी हिस्से में 19-20 जुलाई को थोड़ा धीमा है। हालांकि 1 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में 19 जुलाई तक देश भर में सामान्य से 2 फीसदी ज्यादा बारिश हुई है।
जानें क्या है मौसम वैज्ञानिकों की भविष्यवाणी
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इतना ही नहीं 36 में से 35 सब-डिविजन में सामान्य से अधिक बारिश हुई है। पूर्वोत्तर राज्यों में 17 फीसदी कम बारिश हुई है, तो उत्तर-पश्चिम भारत में सामान्य से 10 फीसदी अधिक बारिश हो चुकी है।
उत्तर पश्चिम भारत में राजस्थान में बादल सबसे ज्यादा बरसे हैं।
वहीं, पश्चिमी उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से 33 फीसदी अधिक 295 मिमी बारिश हो चुकी है। दिल्ली के आंकड़े बताते हैं कि यहां सीजन में 267 मिमी बारिश हो चुकी, जो सामान्य से 49 फीसदी अधिक है। वहीं, हिमाचल प्रदेश में 19 फीसदी, तो जम्मू-कश्मीर में बादल 12 फीसदी कम बरसे हैं। देश भर में सबसे अधिक बारिश की बात करें, तो मध्य प्रदेश में 62 फीसदी अधिक बारिश हुई है। वहीं, सौराष्ट्र में 51 फीसदी और गुजरात में 40 फीसदी बारिश कम हुई है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार पूर्वी उत्तर प्रदेश में 20-21 जुलाई को भारी बारिश (204 मिमी तक) होगी। 21 जुलाई को उत्तराखंड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 116 मिमी तक बारिश हो सकती है। इसके बाद 22-23 जुलाई को हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 204 मिमी तक, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 116 मिमी तक बारिश हो सकती है।