कुछ पलों में ही जमींदोज हो गए ट्विन टावर।
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उत्तर प्रदेश के नोएडा में रविवार को सुपरटेक के ट्विन टावर को विस्फोटकों का इस्तेमाल कर गिरा दिया गया। बताया गया है कि दोनों इमारतों को जमींदोज करने के लिए जो विस्फोटक इस्तेमाल किया गया, वह तीन अग्नि-V मिसाइल, 12 ब्रह्मोस मिसाइल और चार पृथ्वी मिसाइलों पर लगे वॉरहेड की ताकत समेटे हुए थे। विस्फोट के ठीक बाद ही नोएडा के सेक्टर 93ए में स्थित कुतुब मीनार से भी लंबे सुपरटेक के ट्विन टावर धड़धड़ाकर गिर गए।
अग्नि-V मिसाइल: भारत की अग्नि-V मिसाइल की ऊंचाई 17 मीटर और व्यास 2 मीटर है। मिसाइल का वजन 50 टन है। जो कि 1.5 टन तक वॉरहेड ढोने में सक्षम है। अग्नि-5 आवाज की रफ्तार से 24 गुना तेज है।
ब्रह्मोस मिसाइल: ब्रह्मोस एक ठोस प्रणोदक बूस्टर इंजन के साथ एक दो-स्तरीय मिसाइल है। मिसाइल की रेंज सुपरसोनिक गति के साथ 290 किलोमीटर की है, जिसका अर्थ है कि यह लक्ष्य को तेजी से परखती है। परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम ये मिसाइल 200-300 किलोग्राम वजन ढो सकती है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, मिसाइल तीन गुना तेज है, चार गुना अधिक सटीक है और दुश्मन के मिसाइलों की तुलना में नौ गुना अधिक प्रभावशाली है।
पृथ्वी मिसाइल: पृथ्वी-I एक सिंगल-स्टेज तरल ईंधन पर चलने वाली सतह से सतह पर मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइल है। इसकी मारक क्षमता 150 किमी है। पृथ्वी मिसाइल 1,000 किलोग्राम के वॉरहेड के साथ दुश्मन के ठिकानों को पूरी तरह तबाह कर सकती है। यह 10-50 मीटर की रेंज तक सटीक है। पृथ्वी मिसाइल के इस वर्ग को 1994 में भारतीय सेना में शामिल किया गया था। मौजूदा समय में भारत में पृथ्वी-2 और पृथ्वी-3 सेवा में हैं।