नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी प्रकरण के आरोपी कथित भाजपा कार्यकर्ता श्रीकांत त्यागी के अवैध निर्माण पर हथौड़ा चल रहा है। सोसाइटी की एक महिला के साथ अभद्रता करने के आरोपी श्रीकांत त्यागी के घर पर ‘अब’ हो रही कार्रवाई पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि क्या भाजपा को आज तक यह पता नहीं था कि उसके नेता अवैध निर्माण करा रहे हैं। उन्होंने उन ताकतों का पता लगाने की बात भी कही जो आज तक इस तरह के अपराधी लोगों को बचाने का काम कर रही थीं। उन्होंने प्रदेश सरकार पर इन प्रश्नों के जवाब से भागने का आरोप लगाया। प्रियंका गांधी हाथरस कांड की पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए भी लड़ती हुई दिखाई पड़ी थीं। आज उन्होंने नोएडा प्रकरण को मजबूती से उठाया है।
पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार की अपराधियों पर की गई ठोस कार्रवाई को ही अपना प्रमुख चुनावी हथियार बनाया था। अमित शाह और जेपी नड्डा सहित भाजपा के सभी नेता जनता के बीच यही प्रचारित करते रहे कि यदि प्रदेश में किसी दूसरे दल को सत्ता मिलती है, तो इससे राज्य में दोबारा गुंडाराज आ सकता है। इसके लिए समाजवादी पार्टी के कार्यकाल में हुई कुछ घटनाओं को भी बार-बार उभारा गया। पार्टी को इस रणनीति का लाभ भी मिला और पार्टी एतिहासिक रूप से दोबारा सत्ता में आने में कामयाब हुई। भाजपा सूत्रों की मानें तो पार्टी अपनी यह विशेषता बनाए रखना चाहती है और श्रीकांत त्यागी पर कठोर कार्रवाई इसी सोच का परिणाम है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं लाकर उन्हें मजबूत करने का काम कर रहे हैं। वे लगातार महिलाओं के सशक्तीकरण को बल देते हुए दिखाई पड़ते हैं। ऐसे में किसी पार्टी नेता के द्वारा किया गया अभद्र कार्य पार्टी की इस छवि को चोट पहुंचा सकता है। इसके पहले पार्टी को कुलदीप सेंगर प्रकरण और लखीमपुर खीरी कांड में काफी असहज स्थिति का सामना करना पड़ा था। पार्टी अब उस तरह की कोई स्थिति नहीं बनने देना चाहती है।
नोएडा की ग्रैंड ओमैक्स सोसाइटी का मामला जिस तरह मीडिया में उछल रहा था, पार्टी संसद के चलते सत्र के बीच विपक्ष के हाथ में कोई मुद्दा नहीं देना चाहती थी। शायद यही कारण है कि श्रीकांत त्यागी पर कठोर कार्रवाई कर पार्टी कार्यकर्ताओं को कठोर संदेश देने की कोशिश की गई।
यूपी सरकार के दो मंत्रियों राकेश सचान और संजय निषाद पर भी अलग-अलग मामलों में सुनवाई अपने अंतिम चरण में है। यदि इन पर अदालत से उलटा फैसला आता है, तो इसका प्रदेश सरकार पर नकारात्मक असर पड़ सकता है। पार्टी इन दोनों ही मामलों से अभी से दूरी बरतती हुई दिखाई पड़ रही है। यह कारण भी है कि प्रदेश सरकार अपराधियों के साथ कठोरता से पेश आती हुई दिखना चाहती है और इसीलिए श्रीकांत त्यागी पर कठोर कार्रवाई की गई।
उत्तर प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता संजय चौधरी ने अमर उजाला से कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सत्ता में आने के पहले दिन से ही अपनी प्राथमिकता स्पष्ट कर दी थी। उन्होंने अपराधियों और भ्रष्टाचारियों पर कठोर कार्रवाई की। सरकार की इसी नीति का परिणाम रहा कि प्रदेश में कोई बड़ी आपराधिक घटना नहीं घटने पाई और अपराधी अपनी जान बचाकर भागते हुए नजर आए। उन्होंने कहा कि इस कार्रवाई के जरिए सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि अपराध करने वाला कोई भी व्यक्ति बच नहीं पाएगा और प्रदेश में सभी को कानून का सम्मान करना पड़ेगा।