नोबेल पुरस्कार को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान कहा जाता है। नोबेल पुरस्कार 2019 के सभी विजेताओं की घोषणा हो चुकी है। नोबेल पुरस्कार शांति, साहित्य, भौतिकी, रसायन विज्ञान, चिकित्सा और अर्थशास्त्र के क्षेत्र में दिया जाता है। भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी और उनकी पत्नी को अर्थशास्त में नोबेल पुरस्कार की घोषणा की गई है।
चिकित्सा के क्षेत्र में इस साल तीन वैज्ञानिकों को दुनिया का सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित करने के लिए चुना गया। इन वैज्ञानिकों के नाम विलियम जी केलिन, सर पीटर जे रैटक्लिफ और ग्रेग एल सेमेन्जा हैं। इन्होंने खोज की थी कि कैसे सेल्स ऑक्सीजन को जलाते हैं ताकि शरीर को ऊर्जा मिल सके और नई कोशिकाओं को बनने में मदद मिले।
ब्रह्मांड के राज खोलने के लिए जेम्स पीबल्स, मिशेल मेयर और डिडिएर क्यूलॉज को भौतिकी के नोबेल से नवाजे जाने की घोषणा की गई। कनाडियन-अमेरिकन वैज्ञानिक जेम्स पीबल्स को भौतिक ब्रह्माण्ड विज्ञान में सैद्धांतिक खोज के लिए और स्विस वैज्ञानिक मिशेल मेयर तथा डिडिएर क्यूलॉज को संयुक्त रूप से एक्सोप्लैनेट की खोज के लिए सम्मान दिया गया है।
रसायन विज्ञान के क्षेत्र में जॉन बी- गुडएनफ, एम स्टैनली विटिंघम, और अकीरा योशिनो को लीथियम आयन बैटरी विकसित करने के लिए नोबेल पुरस्कार देने की घोषणा की गई। रॉयल स्वीडिश एकेदमी ऑफ साइंसेस ने आज इन विजेताओं के नाम की घोषणा की। नोबेल पुरस्कार देने वाले निर्णायक मंडल ने इस खोज को क्रांतिकारी बताया।
2019 और 2018 का साहित्य का नोबेल पुरस्कार की घोषणा एक साथ की गई। 2019 का पुरस्कार पीटर हैंडके को दिया जाएगा जो आस्ट्रियाई मूल के लेखक हैं। पीटर को भाषा में नवीनतम प्रयोगों के लिए ये पुरस्कार मिलेगा। जबकि लेखिका के साथ साथ सामाजिक कार्यकर्ता की भूमिका निभाने वाली ओल्गा टोकारजुक को 2018 का साहित्य का नोबेल दिया जाएगा।
इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद को शांति का नोबेल पुरस्कार दिए जाने की घोषणा की गई। यह पुरस्कार उनके देश के चिर शत्रु इरिट्रिया के साथ संघर्ष को सुलझाने के लिए दिया जाएगा। नोबेल पुरस्कार जूरी ने बताया अबी को शांति और अंतरराष्ट्रीय सहयोग प्राप्त करने के प्रयासों के लिए और विशेष रूप से पड़ोसी इरिट्रिया के साथ सीमा संघर्ष को सुलझाने के निर्णायक पहल के लिए इस पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा।
अर्थशास्त्र के क्षेत्र में भारतीय मूल के अभिजीत बनर्जी, उनकी पत्नी एस्थर डफ्लो और माइकल क्रेमर को 'वैश्विक गरीबी खत्म करने के प्रयोग' के उनके शोध के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित करने का एलान किया गया।
भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक अभिजीत बनर्जी फिलहाल मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी में अर्थशास्त्र के प्रोफेसर हैं। वह और उनकी पत्नी डफ्लो अब्दुल लतीफ जमील पॉवर्टी ऐक्शन लैब के सह-संस्थापक भी हैं।