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दावा: नोबल पुरस्कार विजेता भौतिकशास्त्री रोजर पेनरोज ने कहा, बिगबैंग से नहीं हुई थी वर्तमान ब्रह्माण्ड की शुरुआत

Tue, 10 May 2022 06:02 PM IST
शिव शरण शुक्ला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता

सार

आज भी पिछले ब्रह्माण्ड के प्रमाण अवलोकित किए जा सकते हैं। पेनरोज ने ये दावा आक्सफोर्ड से कोलकाता में स्थित साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स के एक वर्चुअल संबोधन के दौरान किया। 
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रोजर पेनरोस - फोटो : social media
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विस्तार
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नोबल पुरस्कार विजेता गणीतीय भौतिकशास्त्री रोजर पेनरोस ने दावा किया है कि वर्तमान ब्रह्माण्ड की शुरुआत में बिगबैंग से नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि असल में बिगबैंग से पहले भी एक ब्रह्माण्ड मौजूद था और बिगबैंग उस ब्रह्माण्ड का अंत था। उन्होंने कहा कि आज भी पिछले ब्रह्माण्ड के प्रमाण अवलोकित किए जा सकते हैं। पेनरोस ने ये दावा आक्सफोर्ड से कोलकाता में स्थित साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स के एक वर्चुअल संबोधन के दौरान किया। 

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उन्होंने कहा कि पुराने ब्रह्माण्ड के निशान आकाश में मौजूद पुराने ब्लैक होल और कुछ विद्युतचुंबकीय विकिरण स्पॉट में खोजे जा सकते हैं। 

उन्होंने कहा कि इसी तरह ब्लैक होल में छोड़े गए वर्तमान ब्रह्मांड के निशान के साथ लाखों वर्षों के बाद इस ब्रह्मांड के साथ भी यही होगा। पहले भी उन्होंने कहा था कि हमारा ब्रह्मण्ड फैलता ही जा रहा है, आगे का भविष्य एक और युग का बिगबैंग होगा।

 रोजर पेनरोस वर्तमान में ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय से जुड़े हुए हैं और स्टीफन हॉकिंग के समकालीन हैं। उन्होंने  इस सिद्धांत को स्पष्ट करते हुए कहा कि 'अनुरूप चक्रीय ब्रह्मांड विज्ञान' ब्रह्मांड और बिग बैंग के आसपास के अनंत चक्रों की बात करता है। उन्हें ब्लैक होल पर उनके शोध के लिए भौतिकी में 2020 के नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। रोजर पेनरोस स्टीफन हॉकिंग के सहयोगी रहे थे। 
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गौरतलब है कि साहा इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर फिजिक्स द्वारा आयोजित मैक्रोकॉसमॉस, माइक्रोकॉसमॉस, एक्सेलेरेटर एंड फिलॉसफी 2020 नामक मीट आयोजित की गई थी। तीन दिवसीय बैठक नौ मई से शुरू हुई थी। इसमें ऑक्सफोर्ड में सैद्धांतिक भौतिकी और ब्रह्मांड विज्ञान के वरिष्ठ प्रोफेसर सुबीर सरकार, अमेरिकी क्षेत्र क्वार्क ग्लूऑन प्लाज्मा (यूएस) के प्रमुख भौतिक विज्ञानी लैरी मैकलेरन और आईआईएसईआर के संस्थापक निदेशक और विश्व भारती के पूर्व कुलपति सुशांत दत्तगुप्ता प्रमुख प्रतिभागी थे। इसके अलावा इसमें सर्न में एलिस डिटेक्टर के प्रमुख, बिकाश सिन्हा और उनकी टीम टैगोर सेंटर फॉर नेचुरल साइंसेज एंड फिलॉसफी (टीसीएनएसपी) उपस्थित रहे।

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