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अमर्त्य सेन के ‘जय श्रीराम' बयान से सियासत गर्म, भाजपा का पलटवार शुरू

Sat, 06 Jul 2019 05:44 PM IST
गौरव द्विवेदी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
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अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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नोबेल पुरस्कार से सम्मानित अर्थशास्त्री अमर्त्य सेन के एक बयान से सियासत और गर्म हो सकती है। शुक्रवार को उन्होंने 'जय श्रीराम' के नारे पर अपने जो विचार साझा किए उस पर पलटवार शुरू हो गया है। उन्होंने कहा था कि ‘मां दुर्गा’ के जयकारे की तरह ‘जय श्रीराम’ का नारा बंगाली संस्कृति से नहीं जुड़ा है और इसका इस्तेमाल ‘लोगों को पीटने के बहाने’ के तौर पर किया जा रहा है। सेन ने जादवपुर विश्वविद्यालय में यह बात कही थी। 

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भाजपा का पलटवार 

सेन के इस बयान पर पश्चिम बंगाल के भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष ने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'अमर्त्य सेन शायद बंगाल के बारे में नहीं जानते। क्या उन्हें बंगाली और भारतीय संस्कृति की जानकारी है? जय श्रीराम हर गांव में बोला जाता है। अब पूरा बंगाल यही कह रहा है।' वहीं भाजपा सांसद बाबुल सुप्रियो ने कहा कि ‘जय श्रीराम जितना धर्म के बारे में है, उससे कहीं अधिक बंगाल में विरोध का प्रतीक है।'





अमर्त्य सेन ने और क्या कहा

अमर्त्य सेन ने कहा, ‘मैंने अपनी चार साल की पोती से पूछा कि उसके पसंदीदा भगवान कौन है? उसने जवाब दिया कि मां दुर्गा। मां दुर्गा हमारी जिंदगी में मौजूद हैं। मुझे लगता है कि जय श्रीराम जैसा नारा लोगों को पीटने के लिए आड़ के तौर पर इस्तेमाल किया जाता है।’ सेन के बयान ऐसे समय पर आए हैं जब देश के कई हिस्सों में ऐसी घटनाएं हुई हैं जहां 'जय श्रीराम' न बोलने पर लोगों के साथ मारपीट की गई। 

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