डाकघर के बचत खाते पर
आयकर की धारा 10 (15आई) के तहत डाकघर के बचत खाते पर मिलने वाले ब्याज की एक निश्चित राशि कर छूट के दायरे में आती है। इसके तहत व्यक्तिगत बचत खाते पर सालाना 3,500 रुपये का ब्याज और ज्वाइंट खाते पर 7,000 रुपये तक का ब्याज करमुक्त रहेगा।
नौकरीपेशा की ग्रेच्युटी
किसी वेतनभोगी करदाता को नियोक्ता की ओर से मिलने वाली ग्रेच्युटी की राशि अब भी करमुक्त होती है। आयकर कानून के तहत गैर सरकारी कर्मचारी की 20 लाख रुपये तक की ग्रेच्युटी करमुक्त मानी जाएगी, जबकि सरकारी कर्मचारी को ग्रेच्युटी के रूप में मिली पूरी राशि पर कर नहीं लगेगा। वहीं, कर्मचारी (सरकारी, गैर सरकारी) की असमय मौत की स्थिति में भी ग्रेच्युटी की पूरी राशि करमुक्त रहेगी।
जीवन बीमा की परिपक्वता राशि
आयकर की धारा 10 (10डी) के तहत जीवन बीमा की परिपक्वता पर कंपनियों की ओर से मिलने वाली पूरी राशि को नए टैक्स स्लैब में भी करमुक्त रखा गया है। हालांकि, सरकार ने 80सी के तहत अब जीवन बीमा प्रीमियम की राशि पर मिलने वाली टैक्स छूट समाप्त कर दी है।
ईपीएफ-एनपीएस में नियोक्ता की भुगतान राशि
सरकार ने 2020-21 के बजट प्रस्ताव में नियोक्ता की ओर से वेतनभोगी के ईपीएफ और एनपीएस में किए जाने वाले योगदान को कर के दायरे से बाहर रखा है। हालांकि, इसकी सकल राशि किसी वित्त वर्ष में 7.5 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। इससे ऊपर की राशि पर स्लैब के अनुसार टैक्स लगाया जाएगा।