असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने राज्य में सत्ताधारी पार्टी भाजपा के प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की संभावना को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आम तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करते हैं। एक अध्यक्ष का निश्चित कार्यकाल होता है। आधे रास्ते में कोई बदलाव नहीं होता।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को मंत्रिमंडल में फेरबदल की अटकलों को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि फिलहाल मंत्रिमंडल में फेरबदल नहीं होने जा रहा है, लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद और 2026 के राज्य विधानसभा चुनाव से पहले बड़े बदलाव हो सकते हैं।
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सीएम सरमा ने कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें राज्य में बाढ़ की स्थिति के बारे में बताया। मैंने असम के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया कोष के केंद्रीय हिस्से के रूप में 340 करोड़ रुपये जारी करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री को धन्यवाद भी दिया।
उन्होंने राज्य में सत्ताधारी पार्टी भाजपा के प्रदेश नेतृत्व में बदलाव की संभावना को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आम तौर पर अपना कार्यकाल पूरा करते हैं। एक अध्यक्ष का निश्चित कार्यकाल होता है। आधे रास्ते में कोई बदलाव नहीं होता। परिसीमन की कवायद के बारे में पूछे जाने पर सरमा ने कहा कि इसका कोई विरोध नहीं है। कुछ निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्सीमांकन करने और नाम बदलने से संबंधित कुछ मुद्दे सामने आए हैं। चुनाव आयोग की टीम के आगामी दौरे पर इन पर विचार किया जा सकता है।
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भाजपा नेता ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर असम में बाढ़ की स्थिति को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर भी तंज कसा। असम के मुख्यमंत्री ने कहा कि केजरीवाल ने कहा कि वह मुझे दिल्ली दौरे के लिए आमंत्रित करेंगे। मैं छह महीने से उनके आमंत्रण का इंतजार कर रहा हूं ताकि देख सकूं कि उन्होंने राजधानी में किस तरह का विकास किया है।