भास्कर जाधव ने कहा कि एलओपी का पद सबसे बड़ी पार्टी को देने का प्रावधान है। स्पीकर एलओपी के पद को मंजूरी दे सकते हैं, लेकिन सरकार को इसका समर्थन करना होगा। मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस डिप्टी सीएम के साथ मिलकर एलओपी पद को मंजूरी देंगे।
महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस ने सीएम पद, एकनाथ शिंदे और अजित पवार ने डिप्टी सीएम पद की शपथ ले ली है। अब वहां विभागों के बंटवारे को लेकर चर्चा चल रही है। इस बीच, विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) के नेता भास्कर जाधव ने दावा किया कि कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जो केवल पार्टी की ताकत के आधार पर महाराष्ट्र विधानसभा में विपक्ष के नेता की नियुक्ति की बात करता हो।
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उन्होंने कहा कि मैंने विधानमंडल सचिव को इस बारे में एक पत्र लिखा है। इसमें कानून के उस प्रावधान का विवरण मांगा है जिसके तहत विपक्ष के नेता की नियुक्ति की जाती है। जाधव ने बताया कि मैंने राज्य विधानमंडल सचिव से मुलाकात की, तब उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई प्रावधान नहीं मिला।
भास्कर जाधव ने कहा कि एलओपी का पद सबसे बड़ी पार्टी को देने का प्रावधान है। स्पीकर एलओपी के पद को मंजूरी दे सकते हैं, लेकिन सरकार को इसका समर्थन करना होगा। मुझे विश्वास है कि मुख्यमंत्री देवेन्द्र फड़णवीस डिप्टी सीएम के साथ मिलकर एलओपी पद को मंजूरी देंगे। इसके अलावा, जाधव ने विपक्ष के लिए डिप्टी स्पीकर पद की भी मांग की है। जाधव ने कहा कि डिप्टी स्पीकर का पद विपक्ष को देकर नई परंपराएं स्थापित की जा सकती हैं।
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गौरतलब है कि आमतौर पर परंपरा के मुताबिक एलओपी पद के लिए विपक्षी दल को 10 फीसदी सीटें जीतनी होती हैं। लेकिन हालिया चुनाव में कोई भी पार्टी ये संख्या हासिल नहीं कर पाई है। ऐसे में विधानसभा में एलओपी की नियुक्ति खटाई में पड़ती दिख रही है। 20 नवंबर को हुए विधानसभा चुनाव में शिवसेना (यूबीटी) ने 20 सीटें, कांग्रेस ने 16 और एनसीपी (एसपी) ने 10 सीटें जीतीं।
वहीं, विधानसभा में एलओपी की नियुक्ति के बारे में एनसीपी (सपा) अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि एमवीए पार्टियां इस बात पर जोर नहीं दे सकतीं कि उन्हें यह पद मिले क्योंकि उनके पास आवश्यक संख्या नहीं है।