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संसद में हंगामे पर टूटा आडवाणी के सब्र का बांध, बोले- सरकार और स्पीकर नहीं चला पा रहे सदन

Wed, 07 Dec 2016 08:13 PM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
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फाइल फोटोः लालकृष्ण आडवाणी
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संसद के शीतकालीन सत्र में नोटबंदी पर रोज-रोज के हंगामे से लोकसभा के वरिष्ठतम सदस्य लालकृष्ण आडवाणी का सब्र का बांध आखिरकार टूट ही गया। शून्यकाल में हंगामे के बीच स्पीकर ने कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा करते ही आडवाणी एकाएक फट पड़े। उन्होंने कहा विपक्ष सदन नहीं चलने दे रहा और संसदीय कार्य मंत्री-स्पीकर भी सदन नहीं चला पा रहे हैं। हंगामा करने वालों को बाहर करने के अलावा इनका वेतन काट लिया जाना चाहिए। 
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इतना ही नहीं गुस्से से भरे आडवाणी ने यह भी कहा कि वह स्पीकर से कहने जा रहे हैं कि वह सदन नहीं चला रही हैं। ऐसा मैं सार्वजनिक तौर पर भी कहने जा रहा हूं। आडवाणी के उग्र रूप से विपक्ष के साथ ही सत्ता पक्ष भी सन्न रह गया।

दरअसल बुधवार को भी नोटबंदी के सवाल पर विपक्ष के उग्र सदस्य वेल में नारेबाजी कर रहे थे। इस कारण थोड़ी ही देर बाद सदन की कार्यवाही 12 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। सदन की कार्यवाही जब दोबारा शुरू हुई, तो हंगामे और नारेबाजी के बीच ही स्पीकर ने शून्यकाल जारी रखा। 
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हंगामा बढ़ाने पर जैसे ही उन्होंने दोपहर दो बजे तक के लिए कार्यवाही स्थगित करने की घोषणा की गई, आगे की पंक्ति में बैठे आडवाणी अचानक बेहद नाराज हो गए। उन्होंने एक अधिकारी से स्थगन के समय की जानकारी ली। जब उन्हें बताया गया कि कार्यवाही दो बजे तक के लिए स्थगित हुई है तो उन्होंने नाराजगी में कहा अनिश्चितकाल के लिए क्यों नहीं हुई? 

इसी दौरान संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने आडवाणी का ध्यान मीडिया गैलरी की तरफ खींचा और यह बताने की कोशिश की कि मीडिया के लोग उनकी बात सुन रहे हैं। मगर आडवाणी नहीं रुके और खड़े हो कर नाराजगी जताते रहे। 
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कांग्रेस ने आडवाणी को दिया धन्यवाद

- फोटो : PTI
इसके बाद आडवाणी बेहद गुस्से में सदन से बाहर चले गए। इसी दौरान अनंत कुमार और संसदीय कार्य राज्य मंत्री एसएस आहलुवालिया उन्हें मनाते हुए उनके साथ बाहर निकले। आडवाणी सदन से बाहर निकल कर सीधे अपनी गाड़ी में बैठ कर अपने सरकारी आवास में चले गए। 

गौरतलब है कि बजट सत्र के दौरान भी आडवाणी ने हंगामे के बीच सदन चलाने पर गहरी नाराजगी जताई थी। उन्हें यह कहते हुए सुना गया था कि विपक्ष प्रधानमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहा है। ऐसे में सदन चलाने का कोई औचित्य नहीं है। गौरतलब है कि हंगामे के कारण संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही पहले ही दिन से लगातार बाधित है।

ईमानदार से सवाल, कालाधन वाले बहाल: कांग्रेस 
कांग्रेस ने भाजपा के वरिष्ठ नेता और सांसद लालकृष्ण आडवाणी को लोकसभा में दिए उनके बयान के लिए धन्यवाद दिया है। कांग्रेस ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि विपक्ष लंबे समय से यही तो कहता आ रहा है कि संसद को चलाने की जिम्मेदारी सरकार की है अब वही बात वरिष्ठ सांसद के नाते आडवाणी ने कही है। 

कांग्रेस सांसद और प्रवक्ता सुष्मिता देव ने कहा कि आडवाणी जी ने बहुत संवेदनशीलता और मजबूती के साथ संसद के फ्लोर मैनेजमेंट पर सवाल उठाया है। उनकी पीड़ा कि आखिर क्या हो रहा है संसद में हर जनप्रतिनिधि की है। देश के लोग भी जानना चाहते हैं कि संसद क्यों नहीं चल रही है। जबकि नियम के मुताबिक संसद चले इसकी प्राथमिक जिम्मेदारी सरकार की है कि उसे चलाए। 
 
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