ब्रह्माकुमारीज के अंतरराष्ट्रीय मुख्यालय शांतिवन में अध्यात्म, विज्ञान और पर्यावरण विषय पर चल रहे वैश्विक शिखर सम्मेलन में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि जीवन में बड़ा काम करने के लिए बड़ा मन होना जरूरी है। छोटे मन का व्यक्ति बड़ा काम नहीं कर सकता है।
गृहमंत्री ने कहा कि विज्ञान, अध्यात्म और धर्म ये एक-दूसरे के विपरीत हैं, ये अवधारणा विदेशों की है। भारत की अवधारणा है, विज्ञान और अध्यात्म दोनों एक-दूसरे के पूरक और एक हैं। चरक, सुषुप्त, आर्यभट्ट आदि जितने भी बड़े ऋषि थे, उतने ही बड़े वैज्ञानिक भी थे।