राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए)
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जिन दस्तावेजों को बरामद नहीं किया, उनका भी जिक्र
अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि जिन दस्तावेजों को नवलखा के पास से बरामद नहीं किया गया है। उनका भी जिक्र किया गया है। उनमें कमजोर गुणवत्ता है। इसने कहा, 'इन पत्रों/दस्तावेजों की सामग्री सुनी-सुनाई बातों के साक्ष्य के रूप में हैं, क्योंकि वे सह-आरोपी से बरामद किए गए हैं। इन दस्तावेजों और संचार के माध्यम से एनआईए एक आतंकवादी संगठन की गतिविधियों के साथ नवलखा के संबंध स्थापित करने की कोशिश कर रही थी।'