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कोवाक्सिन पर डब्ल्यूएचओ का फैसला: कंपनी सूत्रों का दावा- किसी भी यूएन एजेंसी को नहीं भेजी वैक्सीन, निलंबन का कोई असर नहीं होगा

Mon, 04 Apr 2022 05:21 PM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद

सार

14 से 22 मार्च 2022 के बीच हुए ईयूएल (आपात इस्तेमाल प्राधिकार) निरीक्षण के नतीजों के जवाब में डब्ल्यूएचओ ने कोवाक्सिन आपूर्ति को लेकर निलंबन किया था। हालांकि वैक्सीन की गुणवत्त पर कोई सवाल नहीं उठाया गया है।  
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कोवाक्सिन पर डब्ल्यूएचओ का फैसला - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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डब्ल्यूएचओ द्वारा संयुक्त राष्ट्र की खरीद एजेंसियों के माध्यम से कोवाक्सिन की आपूर्ति निलंबित करने की घोषणा को लेकर भारत बायोटेक के सूत्रों ने कहा कि फार्मा कंपनी ने संयुक्त राष्ट्र की किसी एजेंसी को कोविड-19 वैक्सीन की आपूर्ति नहीं की है और निलंबन का कोई असर नहीं पडे़गा। सूत्रों ने कहा कि फर्म ने केंद्र सरकार के वैक्सीन मैत्री कार्यक्रम के तहत भारत सरकार और नौ देशों को टीकों की आपूर्ति की है, और आपातकालीन उपयोग अनुमति के तहत वाणिज्यिक आपूर्ति की है। कोवाक्सिन को 25 से अधिक देशों से आपातकालीन उपयोग की मंजूरी मिली है। वहीं आज जैविक ई. लिमिटेड (बीई) ने घोषणा की कि उसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) प्रौद्योगिकी हस्तांतरण केंद्र से एमआरएनए प्रौद्योगिकी के प्राप्तकर्ता के रूप में चुना गया है।

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संयुक्त राष्ट्र की किसी एजेंसी से कोई ऑर्डर नहीं मिला
एक सूत्र ने कहा कि हमें अभी तक संयुक्त राष्ट्र की किसी एजेंसी से कोई ऑर्डर नहीं मिला है। अंतरराष्ट्रीय वैक्सीन गठबंधन गैवी कोवैक्स ने भी कोवाक्सिन के लिए कोई ऑर्डर नहीं दिया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने अच्छी विनिर्माण प्रक्रिया (जीएमपी) की कमियों का हवाला देते हुए 2 अप्रैल को संयुक्त राष्ट्र की खरीद एजेंसियों के माध्यम से कोवाक्सिन की आपूर्ति को निलंबित करने की पुष्टि की और उन देशों से उचित कार्रवाई करने को कहा जिन्होंने ये वैक्सीन ली है।  

हमारे वैक्सीन प्रमाणपत्र वैध 
उत्पादन केंद्रों के नवीनीकरण पर कंपनी के सूत्रों ने सोमवार को कहा कि जहां भी कोवाक्सिन बनाया जा रहा है, उनमें से कोई भी विशेष रूप से कोवाक्सीन के निर्माण के लिए डिजाइन नहीं किया गया था। ये पुनर्निर्मित उत्पादन केंद्र हैं जो पहले से ही अन्य टीकों के निर्माण के लिए मौजूद थे। सूत्र ने कहा, हम इन मौजूदा केंद्रों का नवीनकरण करेंगे और उन्हें कोवाक्सिन के लिए 100 प्रतिशत विशिष्ट बनाएंगे। सूत्र ने कहा कि हमारे वैक्सीन प्रमाणपत्र वैध हैं और भारत में आपूर्ति में कोई रुकावट नहीं होगी। डब्ल्यूएचओ के अधिकारियों ने 14-22 मार्च के दौरान कंपनी के संयंत्रों का निरीक्षण किया था। 14 से 22 मार्च 2022 के बीच हुए ईयूएल (आपात इस्तेमाल प्राधिकार) निरीक्षण के नतीजों के जवाब में यह निलंबन किया गया था।
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नाक के टीके पर चल रहा परीक्षण
सूत्रों ने कहा, यह कोई औचक दौरा नहीं था। ईयूएल को मंजूरी दिए जाने से पहले कोई निरीक्षण नहीं किया गया था और डब्ल्यूएचओ ऑडिट केवल कोवाक्सिन के लिए था। सूत्र ने कहा कि एक बार सभी केंद्रों का नवीनीकरण हो जाने के बाद हम कोवाक्सिन के पूर्ण लाइसेंस के लिए डब्ल्यूएचओ पर आवेदन करेंगे। नाक के टीके पर एक सवाल के जवाब में कंपनी के सूत्र ने कहा कि चरण -3 का परीक्षण चल रहा है और चार महीने में हमारे पास डेटा होगा क्योंकि यह एक बहुत ही जटिल परीक्षण है। सूत्र ने कहा कि डेटा का विश्लेषण करने के बाद हम तय करेंगे कि हमें अतिरिक्त परीक्षणों के लिए आगे बढ़ना चाहिए या लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहिए।

डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि भारत बायोटेक जीएमपी की कमियों को दूर करने के लिए प्रतिबद्ध है और भारत के डीसीजीआई और डब्ल्यूएचओ के ड्रग्स कंट्रोलर जनरल को देने लिए एक सुधारात्मक और निवारक कार्य योजना विकसित कर रहा है। डब्ल्यूएचओ ने कहा था कि अंतरिम और एहतियाती उपाय के रूप में भारत बायोटेक ने निर्यात के लिए कोवाक्सीन का उत्पादन बंद करके अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया है। 

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