केंद्रीय सतर्कता आयुक्त ने कहा है कि नौकरशाहों को वरिष्ठ स्तर मिलने या पदोन्नति के मामले में उनके खिलाफ अंतिम समय में की गई भ्रष्टाचार की शिकायत पर कार्रवाई नहीं की जाएगी।
यह घोषणा उन नौकरशाहों के लिए राहत भरी हो सकती है जिनमें से कुछ अपनी प्रस्तावित पदोन्नति या पदस्थापना से पहले अपने खिलाफ भ्रष्टाचार के मनगढंत आरोपों में बढ़ोतरी की शिकायत करते हैं।
सीवीसी वरिष्ठ स्तर पर नियुक्तियों और पदोन्नतियों के लिए केंद्र सरकार के अधिकारियों को सतर्कता संबंधी मंजूरी प्रदान करता है। केंद्रीय सतर्कता आयुक्त केवी चौधरी ने कहा कि प्रस्तावित पदोन्नति के छह महीने के अंदर मिली किसी भी शिकायत को संज्ञान में नहीं लिया जाएगा।
चौधरी ने कहा, ‘सामान्य तौर पर किसी के पदोन्नत होने या किसी पद पर उनके नाम का विचार होने से ठीक पहले शिकायतें आने का चलन है।’ हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि ‘कदाचार’ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
चौधरी ने कहा, ‘मान लीजिए कोई कदाचार की गतिविधि कल या परसों ही की गई है तो आपको छोड़ा नहीं जा सकता।’