राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा, यह बात संज्ञान में आई है कि कुछ मेडिकल संस्थानों में संकाय सदस्य आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) पर फर्जी फिंगरप्रिंट का उपयोग करके उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस पर आयोग ने गंभीरता से विचार किया है।
राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने मेडिकल कॉलेजों के सभी संकाय सदस्यों को आधार सक्षम बायोमेट्रिक हाजिरी दर्ज कराने को कहा है। साथ ही चेतावनी दी है कि किसी भी तरह की गड़बड़ी करने पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने एक सार्वजनिक नोटिस में कहा, यह बात संज्ञान में आई है कि कुछ मेडिकल संस्थानों में संकाय सदस्य आधार-सक्षम बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली (एईबीएएस) पर फर्जी फिंगरप्रिंट का उपयोग करके उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। इस पर आयोग ने गंभीरता से विचार किया है। सलाह दी जाती है कि सभी संकाय सदस्यों को अपने मेडिकल कॉलेज में एनएमसी से जुड़े एईबीएएस में व्यक्तिगत रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज करानी चाहिए। इसके अलावा, एनएमसी ने एक अलग नोटिस के माध्यम से मेडिकल संस्थानों को प्रत्येक विभाग में संकाय सूची के बारे में कॉलेज की वेबसाइट को अपडेट करने का भी निर्देश दिया।
इसमें कहा गया है कि संकाय की सूची प्रत्येक विभाग के तहत अलग से उपलब्ध होनी चाहिए (चिकित्सा अधीक्षक, प्रिंसिपल, डीन, यदि किसी भी विभाग से हैं तो उन्हें भी वहां दर्शाया जा सकता है)। सूची में संकाय सदस्यों का नाम, उनकी हालिया तस्वीर, शैक्षिक योग्यता, नवीनतम पदनाम और संबंधित राज्य चिकित्सा परिषद द्वारा जारी पंजीकरण संख्या होनी चाहिए। सूची में दर्शाए गए नाम कॉलेज की बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली में शामिल होने चाहिए। एनएमसी ने कहा कि वेबसाइट पर संकाय सूची 31 जुलाई तक अपलोड की जानी चाहिए। नोटिस में कहा गया है कि सूची हर महीने अपडेट की जाएगी और इस तरह के अपडेट की समय सीमा हर महीने का आखिरी दिन होगी।