NMC - National Medical Commission
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राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (एनएमसी) ने युद्ध प्रभावित यूक्रेन के विदेशी मेडिकल स्नातकों (एफएमजी) को अपना बचा हुआ मेडिकल कोर्स पूरा करने की अनुमति दे दी है। यह जानकारी राज्यसभा में मंगलवार को स्वास्थ्य राज्य मंत्री भारती प्रवीण पवार ने दी। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, यूक्रेन में युद्ध के कारण भारत लौटने वाले मेडिकल छात्रों को होने वाली कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए एनएमसी ने एक योजना तैयार की है। इसके तहत भारतीय छात्र जो अपने स्नातक चिकित्सा पाठ्यक्रम के अंतिम वर्ष में थे और बाद में अपनी पढ़ाई पूरी कर ली है। 30 जून, 2022 को या उससे पहले पाठ्यक्रम/डिग्री पूरा करने का प्रमाण पत्र प्राप्त करने वालों को एफएमजी परीक्षा में बैठने की अनुमति है।
आयुष्मान भारत बीमा योजना के तहत मिले 3.79 करोड़ दावे
आयुष्मान भारत बीमा योजना के तहत करीब 3.79 करोड़ दावे प्रस्तुत किए गए। 2020-21 और 2022-23 के बीच 30 नवंबर तक 3.54 करोड़ दावों का भुगतान हो चुका है। वहीं, 12.04 लाख लंबित हैं। राज्यसभा में स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने कहा कि आयुष्मान भारत-पीएम जन आरोग्य योजना के तहत दावों का निपटान राज्य सरकारों के तहत स्वास्थ्य एजेंसियों की ओर से किया जाता है। दावों का समय पर निपटान प्रमुख पैरामीटर है जिसके आधार पर योजना के प्रदर्शन को मापा जाता है।
पांच साल में सीवर की सफाई के दौरान 400 लोगों की मौत
देश में 2018 से 2023 के बीच सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई के दौरान 400 से अधिक लोगों की मौत हुई। टीएमसी सदस्य अपरूपा पोद्दार द्वारा पूछे गए प्रश्न के उत्तर में सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास अाठवले ने यह जानकारी लोकसभा में साझा की। मंत्री द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, 2018 में सेप्टिक टैंक और सीवर की सफाई के दौरान 76 मौतें हुईं, 2019 में 133, 2020 में 35, 2021 में 66, 2022 में 84 और 2023 में 49 मौतें हुईं।