मंगलवार को राज्यसभा में भारत की आर्थिक स्थिति पर चर्चा हुई। पूर्व वित्तमंत्री पी चिदंबरम ने कहा अर्थव्यवस्था बढ़ रही हैं तो जमीन पर क्यों नहीं दिख रही है? क्यों देश बेरोजगारी, गरीबी और महंगाई से जूझ रहा है? पूर्व वित्तमंत्री ने चुनौती दी और कहा कि जिस तरह से यूपीए शासनकाल में अर्थव्यवस्था दोगुनी गति से बढ़ी क्या मौजूदा एनडीए सरकार इस लक्ष्य को प्राप्त कर सकती है? तृणमूल कांग्रेस के डेरेक ओ ब्रायन ने कहा कि आंकड़े देते हुए कहा कि इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में विकास दर 7.6 फीसदी रही है। पर आम आदमी तक इसका लाभ नहीं पहुंचा। देश के महज छह फीसदी लोगों के पास देश की 60 प्रतिशत संपदा सिमट गई है। महंगाई बेतहाशा बढ़ी है। अनाज की कीमतों में 2014 से 2023 तक 120 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई है।
भारत तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था दुनिया में बज रहा हमारा डंका
आर्थिक स्थिति पर चर्चा में विपक्ष को जवाब देते हुए भाजपा के सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने भारत की बढ़ती आर्थिक व्यवस्था को विपक्ष के लिए आइना करार दिया। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया की तेजी से बढ़ती पांचवी अर्थव्यवस्था है। इसका डंका दुनिया में बज रहा है। त्रिवेदी ने राम मंदिर से जोड़ते हुए कहा कि देश के आजाद होने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था पर भी ताला था। जैसे ही राम मंदिर आंदोलन शुरू हुआ अर्थव्यवस्था बदलने लगी। त्रिवेदी ने विश्व बैंक, मॉर्गन स्टेनली, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष-आईएमएफ से लेकर ग्लोबल संस्थाओं और नोबेल पुरस्कार विजेताओं द्वारा भारत की आर्थिक स्थितियों पर की गई टिप्पणियों का जिक्र किया, और कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार में महंगाई काबू में है, और गरीबी घटी है।
2019-21 के बीच 35,000 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की : सरकार
देश में 2019 से 2021 के बीच 35,000 से अधिक छात्रों ने आत्महत्या की। केंद्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्यमंत्री अब्बैया नारायणस्वामी ने लोकसभा को इस बारे में सूचित किया। सामाजिक कारणों से आत्महत्या करने वाले अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के छात्रों की संख्या के संबंध में एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा, इनकी संख्या के बारे में कोई जानकारी नहीं है।
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों ने की 1.12 लाख करोड़ की जीएसटी चोरी
ऑनलाइन गेमिंग कंपनियों को 1.12 लाख से अधिक की जीएसटी चोरी के लिए 71 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा कि चालू वित्त वर्ष (अक्टूबर, 2023 तक) में केंद्रीय जीएसटी अधिकारियों ने 1.51 लाख करोड़ की जीएसटी चोरी पकड़ी। 154 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अब तक 18,541 करोड़ रुपये की वसूली की जा चुकी है। वित्त वर्ष 2022-23 में 1.31 लाख करोड़ से अधिक की चोरी का पता चला था।
मनी लॉन्डि्रंग में कार्रवाई के बाद बैंकों को 15,183 करोड़ लौटाए
मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (पीएमएलए) के तहत प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की कार्रवाई के बाद सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों को 15,186.64 करोड़ रुपये लौटाए गए हैं। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को राज्यसभा में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, विभिन्न कानूनी प्रावधानों के माध्यम से डिफॉल्टरों के खिलाफ विशिष्ट कार्रवाई की जा रही है और परिणामस्वरूप, ‘भारी धनराशि’ बैंकों में वापस जा रही है।
2030 तक स्थापित बिजली क्षमता का 50% उत्पादन गैर-जीवाश्म ईंधन से होगा
भारत 2030 तक गैर-जीवाश्म स्रोतों से 50 प्रतिशत बिजली उत्पादन क्षमता के लक्ष्य को हासिल करने की राह पर है। यह जानकारी राज्यसभा में नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह ने दी। उन्होंने कहा कि गैर-जीवाश्म स्रोत से देश की स्थापित बिजली उत्पादन क्षमता 186.46 गीगावाट है, जो इसकी कुल स्थापित क्षमता का 43.82 प्रतिशत है। सरकार ने देश में नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए 100 प्रतिशत तक प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति देने के साथ-साथ कई अन्य उपाय भी किए हैं।
बैंकों ने 5 वर्षों में 10.57 लाख करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाले
बैंकों ने पिछले पांच वर्षों के दौरान 10.57 लाख करोड़ रुपये बट्टे खाते में डाले हैं। इनमें से 5.52 लाख करोड़ रुपये बड़े उद्योगों के ऋणों के संबंध में हैं। वित्त राज्यमंत्री भागवत कराड ने मंगलवार को राज्यसभा में कहा, आरबीआई के आंकड़ों के अनुसार अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों ने पांच साल की इस अवधि के दौरान कुल 7.15 लाख करोड़ रुपये की गैर-निष्पादित संपत्ति (एनपीए) भी वसूल की है।
दिल्ली में नवंबर के सभी 30 दिन हावी रहा प्रदूषण : अश्विनी चौबे
इस वर्ष नवंबर माह सभी 30 दिन दिल्ली में वायु प्रदूषण हावी रहा। पूरे माह कोई भी दिन ऐसा नहीं था, जब हवा जानलेवा न रही हो। केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन राज्यमंत्री अश्विनी कुमार चौबे मंगलवार को लोकसभा में यह जानकारी दी। चौबे ने कहा कि नवंबर में नौ दिनों के दौरान प्रदूषण का स्तर आपात स्थिति में पहुंच गया था। 17 दिन वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) बेहद खराब रहा, शेष चार दिन एक्यूआई खराब श्रेणी में दर्ज हुआ। इसके विपरीत बंगलूरू और हैदराबाद में नवंबर के दौरान एक भी दिन ऐसा नहीं रहा, जिसे वायु गुणवत्ता के लिहाज से खराब कहा जा सके। इसी तरह मुंबई और चेन्नई में भी 30 में से 29 दिन अच्छे रहे। फरीदाबाद में 30 में से केवल दो दिन अच्छे रहे। हालांकि इन दो दिनों में भी प्रदूषण का स्तर ‘मध्यम’ रहा।
पीएम 2.5 की बढ़ोतरी में 30 फीसदी हिस्सा उद्योगों को
चौबे ने सर्दियों के दौरान दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण के लिए जिम्मेदार कारकों का भी जिक्र किया। इसके अनुसार सर्दियों के दौरान हानिकारक कण पीएम 2.5 की 30 फीसदी वृद्धि के लिए करीब 30 फीसदी उद्योग जिम्मेदार हैं। प्रदूषण के इन 28 फीसदी महीन कणों की वजह वाहनों से निकलने वाला धुआं है। इसी तरह पीएम 2.5 के 17 फीसदी हिस्से के लिए सड़कों और कंस्ट्रक्शन से होने वाली धूल जिम्मेदार है।