फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Nitin Gadkari : गडकरी बोले- वाहन कंपनियां लागत पर नहीं गुणवत्ता पर दें ध्यान, कबाड़ नीति पर कही ये बात

Fri, 16 Sep 2022 07:21 AM IST
योगेश साहू एजेंसी, नई दिल्ली।
विज्ञापन
नितिन गडकरी - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

देश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में कमी लाने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए वाहनों की गुणवत्ता पर जोर देना जरूरी है। इसलिए वाहन निर्माता कंपनियां लागत पर नहीं, बल्कि गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दें। 

विज्ञापन


सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को कहा कि वाहन विनिर्माताओं को लागत घटाने, ग्राहकों को और सुविधाएं देने, आयात घटाने एवं निर्यात बढ़ाने के लिए नई प्रौद्योगिकियां अपनानी चाहिए। उद्योगपति साइरस मिस्त्री की सड़क दुर्घटना में निधन के बाद सड़क सुरक्षा को लेकर जारी बहस के बीच उन्होंने यह बात कही।

सोसायटी ऑफ इंडियन ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरर्स (सियाम) के 62वें सालाना सत्र में गडकरी ने कहा, मैं वाहन क्षेत्र के अपने मित्रों से कहता हूं कि उन्हें लागत के बजाय गुणवत्ता पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि लोगों की पसंद अब बदल रही है। वाहन कबाड़ नीति पर उन्होंने कहा कि परिवहन एवं इस्पात मंत्रालय जीएसटी में कटौती के लिए वित्त मंत्रालय अनुरोध करेंगे। 
विज्ञापन


मैं और इस्पात मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया वित्त मंत्री से अनुरोध करेंगे कि पुराने वाहनों को कबाड़ में बदलने के बाद नए वाहन की खरीद पर जीएसटी कम किया जाए। वाहन विनिर्माता भी पुराने वाहन को कबाड़ में देने के एवज में लोगों को नए वाहन की खरीद पर कुछ छूट दे सकते हैं।

बस-ट्रक पर 50,000 रुपये की छूट संभव...
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि वाहन कबाड़ नीति के तहत पुराने वाहन बदलने पर बस और ट्रक पर 50,000 रुपये की छूट दी जा सकती है। छोटे वाहनों के लिए प्रोत्साहन राशि कम हो सकती है। वाहन कबाड़ नीति एक अप्रैल, 2022 से लागू हो गई है। 2021-22 के बजट में इसकी घोषणा की गई थी। इसके तहत यात्री वाहनों के लिए 20 साल बाद फिटनेस टेस्ट दिया जाता है। वाणिज्यिक वाहनों के लिए यह अवधि 15 साल है।

उद्योग के लिए ग्रीन मोबिलिटी और नवोन्मेष समय की मांग : मोदी
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि अमृत काल हर क्षेत्र में आत्मनिर्भरता हासिल करने का अवसर है। वाहन क्षेत्र भी इससे अलग नहीं है। उन्होंने कहा कि वाहन क्षेत्र ने रोजगार सृजन के नए मार्गों के जरिये अर्थव्यवस्था के विकास में योगदान दिया है। यह समय की मांग है कि हरित विकल्पों के लिए वाहन उद्योग के नवोन्मेष को नई गति मिले। इससे पर्यावरण की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। देश को आत्मनिर्भर बनने में भी मदद मिलेगी। 

वाहन विनिर्माण के लिहाज से चौथा सबसे बड़ा उद्योग बनने पर मोदी ने बधाई दी
मोदी ने कहा, उद्योग को मजबूत बनाने के लिए सरकार ने कई कदम उठाए हैं। इनमें उत्पादन आधारित प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना, इलेक्ट्रिक एवं हाइब्रिड वाहनों को बढ़ावा देना और एथनॉल मिश्रित पेट्रोल पर जोर देना आदि शामिल है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें