फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'इतने निचले स्तर के निजी आरोप...': उद्धव ठाकरे ने फडणवीस को बताया 'कलंक' तो भड़के गडकरी ने दे दी यह नसीहत

Tue, 11 Jul 2023 08:39 AM IST
काव्या मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए आपत्तिजनक शब्दावली इस्तेमाल करने को लेकर ठाकरे की निंदा की। वहीं, भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने ठाकरे के पोस्टर फाड़ने के बाद उनके खिलाफ नारे लगाए। 
विज्ञापन
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और उद्धव ठाकरे - फोटो : social media
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

शिवसेना (उद्धव-बालासाहेब) के नेता उद्धव ठाकरे की ओर से महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को लेकर की गई टिप्पणी को लेकर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भड़क गए। गडकरी ने सोमवार को उद्धव की तरफ से फडणवीस के लिए इस्तेमाल किए गए कलंक शब्द के लिए उनकी आलोचना की और कहा कि महाराष्ट्र की राजनीतिक संस्कृति में इतने निचले स्तर के निजी विचार शोभा नहीं देते। 

विज्ञापन


क्या था उद्धव ठाकरे का पूरा बयान?
गौरतलब है कि उद्धव ठाकरे ने हाल ही में फडणवीस के गृह क्षेत्र नागपुर में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा था कि भाजपा नेता नागपुर पर एक ‘कलंक’ हैं क्योंकि उन्होंने कहा था कि वह राकांपा के साथ गठबंधन नहीं करेंगे, लेकिन फिर भी उन्होंने ऐसा किया।”

ठाकरे ने फडणवीस का पुराना ऑडियो क्लिप चलाया, जिसमें उन्होंने कहा था कि वह कभी राकांपा से हाथ नहीं मिलाएंगे। ठाकरे ने यह वीडियो चलाते हुए कहा था कि भाजपा नेता की न का मतलब हां होता है।
विज्ञापन


भाजपा-गडकरी ने ठाकरे के बयान का किया विरोध?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के लिए इस तरह की शब्दावली इस्तेमाल करने को लेकर ठाकरे की निंदा की। वहीं, भारतीय जनता युवा मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने नागपुर हवाई अड्डे के पास ठाकरे के पोस्टर फाड़ने के बाद उनके खिलाफ नारे लगाए। भाजपा के एक स्थानीय नेता ने कहा कि वे मंगलवार सुबह ठाकरे के खिलाफ शहर में प्रदर्शन करेंगे। गडकरी ने ठाकरे की टिप्पणी की निंदा की।

उधर गडकरी ने ट्वीट में कहा, 'नागपुर में देवेंद्र फडणवीस के बारे में उद्धव ठाकरे का बयान निंदनीय है। राजनीतिक भाषा गिर चुकी है। उन्हें हमारी सरकार के दौरान किए गए विकास कार्यों और उनके द्वारा किए गए कार्यों पर चर्चा करनी चाहिए, लेकिन इस तरह से इतने निचले स्तर के व्यक्तिगत आरोप लगाना महाराष्ट्र की संस्कृति के अनुरूप नहीं है।”

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें