अंतरराष्ट्रीय मुद्राकोष (आईएमएफ) में विकासशील देशों की भूमिका बढ़ाने के लिये संगठन में कोटे की 16वीं आम समीक्षा के दौरान भारत ने मंगलवार को ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच अधिक तालमेल बढ़ाने का आह्वान किया। आईएमएफ प्रस्ताव के अनुसार कोटे की सामान्य समीक्षा 15 दिसंबर, 2023 तक पूरी होने की उम्मीद है।
वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने ब्रिक्स देशों के वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए नीतियों के समर्थन और अंतरराष्ट्रीय समन्वय के जरिए कोविड-19 संकट से निपटने में पांच देशों के समूह की भूमिका पर महत्व दिया।
विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के मुताबिक वर्ष 2021 में ब्रिक्स अध्यक्ष के रूप में भारत का जोर समूह देशों के बीच सहयोग बढ़ाने, उसमें निरंतरता लाने, संबंधों को मजबूत करने और आम सहमति बनाने पर है। भारत की अध्यक्षता में 2021 में ब्रिक्स वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों की यह पहली बैठक थी।
इस दौरान 2021 के लिए भारत द्वारा निर्धारित वित्तीय सहयोग एजेंडे पर चर्चा की। इसके तहत वैश्विक आर्थिक परिदृश्य और कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए उठाए गए कदम, नव विकास बैंक (एनडीबी) की गतिविधियां, सामाजिक बुनियादी ढांचा वित्त पोषण और डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग, सीमा शुल्क से संबंधित मुद्दों पर सहयोग पर चर्चा हुई। इसके अलावा आईएमएफ में सुधार, एसएमई के लिए वित्तीय प्रौद्योगिकी और वित्तीय समावेशन पर भी विचार विमर्श हुआ।
वर्ष 2021 के लिए ब्रिक्स की प्राथमिकताओं और एजेंडे पर वित्तमंत्री ने कहा, ऐसे परिणाम देने की दिशा में प्रयास किए जाने चाहिए जो विशेष रूप से उभरते बाजारों में ब्रिक्स की जरूरतों और आकांक्षाओं तथा उभरती विकासशील अर्थव्यवस्थाओं की उम्मीदों को प्रतिबिंबित करते हैं। बैठक के दौरान उन्होंने 2021 में नव विकास बैंक की प्राथमिकताओं और सदस्यता विस्तार के मुद्दों पर चर्चा की।
भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा
कोविड-19 महामारी के मुद्दे पर वित्त मंत्री ने कहा, भारत दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण अभियान चला रहा है। भारत ने 84 देशों को 6.45 करोड़ टीके की खुराक की आपूर्ति की है। सामाजिक बुनियादी ढांचे के महत्व और डिजिटल प्रौद्योगिकियों के उपयोग पर उन्होंने निजी क्षेत्र को जोड़ने और कर्ज के नये मॉडल तैयार करने में उनके महत्व पर भी जोर दिया।