स्वच्छता ही सेवा मिशन में भाग लेते हुए रक्षा मंत्रालय ने अपनी 62 छावनियों में से 61 को पूर्णत: खुले में शौच से मुक्त कर लिया है। स्वच्छता के लिए कराए गए एक सर्वे में छावनियों को साफ-सफाई के लिए प्रथम स्थान भी मिल चुका है। यह बात साबित करती है कि देश की सेना अपना कर्तव्य निभाने में जितना सीमा पर सक्रिय रहती है, उतना ही सीमा के अंदर भी उतनी ही सक्रियता से अपनी भूमिका निभाती है।
यह कहना है देश की रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण का जो दो अक्टूबर के एक कार्यक्रम में भाग लेने कैंट पहुंची थीं। रक्षामंत्री ने कहा कि सेना ने अपने कामों से हमेशा देश के युवाओं को प्रेरित किया है। इस साफ-सफाई के मामले में भी उसने पूरे देश के सामने एक आदर्श प्रस्तुत किया है।
छावनी परिषद में आज लगभग दो हजार लोगों को स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई। छावनी परिषद के अधिकारियों ने बताया कि अब उनका अगला लक्ष्य कूड़े के सफल निस्तारण का है। इस अवसर पर महानिदेशक रक्षा संपदा ने सेना के जवानों के द्वारा इक्ट्ठा किये गए 91,50,000 रुपये का डिमांड ड्राफ्ट रक्षामंत्री को सौंपा। यह राशि जवानों ने केरल के बाढ़ पीड़ितों के लिए इकट्ठी की थी।