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प्रवासी मजदूरों के सवाल पर कांग्रेस पर भड़कीं सीतारमण, हाथ जोड़कर राजनीति ना करने को कहा

Sun, 17 May 2020 09:44 PM IST
Sneha Baluni न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
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राहुल गांधी-निर्मला सीतारमण (फाइल फोटो) - फोटो : PTI/ANI
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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने रविवार का आर्थिक पैकेज की पांचवी और आखिरी किस्त का एलान किया। इस दौरान जब उनसे प्रवासी मजदूरों को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कांग्रेस पर कड़ा प्रहार करते हुए पार्टी को इस मुद्दे पर राजनीति न करने को कहा।

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वित्तमंत्री ने सीधे राहुल गांधी का नाम तो नहीं लिया पर फुटपाथ पर जाकर मजदूरों से मिलने का जिक्र करते हुए सवाल खड़ा किया कि ये ड्रामेबाजी नहीं है तो क्या है?  निर्मला सीतारमण ने सोनिया गांधी का नाम लेकर सीधे कहा कि मेरी उनसे हाथ जोड़कर विनती है कि मजदूरों के मुद्दे पर राजनीति ना करें। 

उन्होंने कहा, 'ये समय सड़क पर मजदूरों से बात कर राजनीति करने का नहीं है। मैं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया जी से निवेदन कर रही हूं कि अधिक जिम्मेदाराना व्यवहार करें । इस पर राजनीति ना करें।' दरअसल शनिवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सड़क पर जाकर मजदूरों से बात की थी।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वित्त मंत्री ने कहा, 'मैं विपक्षी पार्टी से कहना चाहती हूं कि प्रवासियों के मुद्दे पर हम सभी को साथ मिलकर करना चाहिए। हम इस मामले पर राज्यों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। मैं हाथ जोड़कर सोनिया गांधी जी से कहना चाहती हूं कि हमें अपने प्रवासियों के साथ और जिम्मेदारी से बात करनी चाहिए।' उन्होंने पूछा कि कांग्रेस शासित राज्य क्यों प्रवासी श्रमिकों के लिए अधिक ट्रेन की मांग नहीं कर रहे हैं?
 

वित्त मंत्री ने कहा कि उनकी सरकार प्रवासी मजदूरों के लिए बहुत ही गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अपने स्तर पर कोई कसर नहीं छोड़ रही है फिर भी मन में दुख होता है कि प्रवासी मजदूर सड़क पर जा रहे हैं। निर्मला सीतारमण ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी निशाना साधा।

राहुल गांधी ने शनिवार को दिल्ली में प्रवासी मजदूरों से मुलाकात की थी और वो उनके साथ बैठे थे। इसपर वित्त मंत्री ने कहा, 'कांग्रेस की राज्य सरकार जहां भी हैं वहां की सरकार प्रवासी मजदूरों को मंगवाएं, सुविधा दे, घर पहुंचाए। जितनी चाहते हैं उतनी ट्रेनें मंगवाए।'

उन्होंने आगे कहा, 'जब प्रवासी मजदूर जा रहे हैं तो बगल में बैठकर बात कर रहे हैं। समय बर्बाद कर रहे हैं। वो बैठ क्यों रहे हैं, उन्हें साथ में पैदल चलना चाहिए। यह ड्रामेबाजी है। इतने सारे राज्यों के साथ हम सहयोग कर रहे हैं।'

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